प्रदीप कुमार
रुड़की-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली रुड़की क्षेत्र के ढंडेरा में कैंटीन संचालक अमन की गोली मारकर हत्या के मामले का हरिद्वार पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी सौरभ ताजपुरिया घायल हो गया जबकि उसके दो साथियों अर्पित सैनी और दीप यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तमंचा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। जानकारी के अनुसार 22 अगस्त 2026 को सुभाष चंद्र निवासी ढंडेरा कोतवाली रुड़की ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि अज्ञात लोगों ने उनके बेटे की हत्या कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की। घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने नगला इमरती चौक पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या की घटना में शामिल आरोपी रात के समय अपने कपड़े लेने के लिए आए थे और अब मोटरसाइकिल से ढंडेरा की ओर से नगला इमरती हाईवे की तरफ जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ढंडेरा स्थित गौतम फार्म हाउस के पास सड़क पर चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद ढंडेरा की ओर से एक मोटरसाइकिल पर तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो मोटरसाइकिल सवार भागने लगे। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार एक आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। पुलिस टीम ने पीछा जारी रखा। करीब 300 से 400 मीटर आगे मोटरसाइकिल चालक ने वाहन को सरिता विहार कॉलोनी की ओर मोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने मोटरसाइकिल सड़क किनारे गिरा दी और ट्यूबवेल के पास गन्ने के खेत की ओर भागने लगे। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया तो आरोपियों ने दोबारा पुलिस पार्टी की ओर फायर किया। पुलिस द्वारा आरोपियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया लेकिन उनकी ओर से लगातार जानलेवा फायरिंग किए जाने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक आरोपी घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से पकड़ लिया। उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा खोखा कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। वहीं अंधेरा और बारिश का फायदा उठाकर फरार हुए दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने आसपास के गन्ने के खेत में घेराबंदी और कांबिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान अर्पित सैनी और दीप यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मृतक अमन का सौरभ ताजपुरिया की बहन के साथ प्रेम प्रसंग था। सौरभ की बहन की शादी हो चुकी थी लेकिन इसके बाद भी अमन और उसके बीच मेलजोल बना हुआ था। इसी बात को लेकर सौरभ अमन से रंजिश रखता था। पुलिस के अनुसार 21 अगस्त 2026 को सौरभ ने अपने दोस्तों के साथ शराब पीकर अमन की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद सौरभ और उसके साथियों ने एक राय होकर ढंडेरा में अमन पर जान से मारने की नीयत से फायर किया। गोली लगने से अमन की मौत हो गई। घटना के समय अमन के साथ स्कूटी पर पीछे बैठे उसके दोस्त प्रशांत को भी गोली लगी और वह घायल हो गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ ताजपुरिया पुत्र देशराज निवासी डिफेंस कॉलोनी निकट आकाशदीप कॉलोनी कोतवाली रुड़की जनपद हरिद्वार अर्पित सैनी पुत्र कुलबीर सिंह निवासी ग्राम तस्का कोतवाली मंगलौर जनपद हरिद्वार तथा दीप यादव पुत्र जोगेंद्र यादव निवासी माता वाला हसन बाग कस्बा लडोरा कोतवाली मंगलौर जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा दो खोखा कारतूस एक जिंदा कारतूस और बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेंद्र राठी उपनिरीक्षक नवीन चौहान उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र उपनिरीक्षक चंद्र मोहन हेड कांस्टेबल अरविंद हेड कांस्टेबल रजत चौधरी कांस्टेबल अनिल शर्मा कांस्टेबल शूरवीर और कांस्टेबल मुकेश सैनी शामिल रहे। एसओजी टीम में उपनिरीक्षक अश्वनी यादव हेड कांस्टेबल मनमोहन भंडारी कांस्टेबल महिपाल कांस्टेबल अजय कला और कांस्टेबल राहुल नेगी शामिल रहे।
