प्रदीप कुमार
मंगलौर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने 13 वर्षीय किशोरी की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए उसके पिता और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पिता ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बेटी की गला घोंटकर हत्या की और शव को गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का तमंचा और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। वहीं किशोरी के शव की तलाश के लिए गंगनहर में अभियान जारी है। मामले के अनुसार 21 अगस्त 2026 को मंगलौर निवासी महिला ने कोतवाली मंगलौर में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी घर से जाने के बाद वापस नहीं आई। पूछताछ करने पर धनेश्वर उर्फ तोता और आशीष उर्फ धोल्ला द्वारा उसके साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। प्रकरण इसलिए पेचीदा था क्योंकि किशोरी की मां द्वारा उसके पिता पर ही बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया जा रहा था। पुलिस टीम ने मामले की गहनता से जांच करते हुए सुराग जुटाए और 22 अगस्त 2026 को मामले से संबंधित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में किशोरी का पिता धनेश्वर उर्फ तोता भी शामिल है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिता को शक था कि उसकी बेटी किसी से बात करती है। पुलिस के अनुसार समझाने के बावजूद बेटी के नहीं मानने पर धनेश्वर उर्फ तोता ने 27 जुलाई 2026 को अपने दोस्त आशीष उर्फ धोल्ला के साथ मिलकर किशोरी की हत्या की। दोनों उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर माता मंदिर के पास पुल पर ले गए जहां कमीज से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शव को गंगनहर में फेंककर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी धनेश्वर उर्फ तोता के कब्जे से 315 बोर का तमंचा बरामद किया है। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी पुलिस ने बरामद की है। किशोरी के शव की तलाश के लिए गंगनहर में लगातार खोजबीन की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनेश्वर उर्फ तोता पुत्र मांगेराम तथा आशीष उर्फ धोल्ला पुत्र सुनील निवासी ग्राम ब्रह्मपुर जट्ट थाना कोतवाली मंगलौर जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार धनेश्वर उर्फ तोता का पूर्व में भी विभिन्न मामलों में आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भगवान महर वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह उपनिरीक्षक आनंद मेहरा कांस्टेबल 939 पंकज कांस्टेबल 381 सुधीर और कांस्टेबल मोहम्मद अजीज शामिल रहे।
