प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/ श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता तथा जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में जनपद रुद्रप्रयाग के कुंडा दानकोट में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग पायल सिंह ने की। शिविर का मुख्य उद्देश्य दहेज प्रतिषेध अधिनियम घरेलू हिंसा साइबर अपराध और बच्चों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक करना तथा उन्हें उनके विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं की जानकारी देना रहा। इस दौरान इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों से संवाद करते हुए सचिव श्रीमती पायल सिंह ने कहा कि बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए अभिभावकों की सजगता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की दिनचर्या मित्र मंडली और डिजिटल गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की अपील की ताकि उन्हें किसी भी प्रकार के मानसिक या शारीरिक खतरे से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना उन्हें अपराध और भटकाव से बचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों पर भी विस्तार से जानकारी देते हुए दहेज प्रतिषेध अधिनियम और घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दहेज की मांग करना अथवा किसी भी रूप में घरेलू हिंसा करना कानूनन गंभीर अपराध है। बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करते हुए अनजान नंबरों से आने वाली कॉल से सतर्क रहने और किसी के साथ ओटीपी साझा न करने की अपील की गई। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई। सचिव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि आर्थिक अभाव के कारण किसी गरीब महिला वरिष्ठ नागरिक या वंचित वर्ग के व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक नि:शुल्क विधिक सहायता पहुंचाना है। इसके अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के साथ ही लोक अदालतों के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण और त्वरित निस्तारण कराया जाता है। शिविर के दौरान आयोजित कानूनी चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सचिव के समक्ष रखीं। इन समस्याओं पर मौके पर ही विधिक परामर्श प्रदान किया गया। रिटेनर अधिवक्ता यशोदा खत्री एवं सहायक अधिवक्ता देवेंद्र बिष्ट ने भी उपस्थित ग्रामीणों को कानून के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
