प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार रोशनाबाद में जिला गंगा संरक्षण समिति की 76वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में गंगा संरक्षण गंगा घाटों की स्वच्छता अतिक्रमण हटाने प्रदूषण नियंत्रण घाटों के रखरखाव और जनजागरूकता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को गंगा की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखने के लिए गंभीरता एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जनपद के गंगा घाटों और हर की पौड़ी क्षेत्रांतर्गत अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारियों एचआरडीए पुलिस विभाग सिंचाई विभाग हरिद्वार सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश तथा नगर निगम हरिद्वार को संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि घाटों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण और सतत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को अपनी-अपनी परिसंपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने देने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रामीण सड़क वन भूमि ग्राम पंचायतों सहित किसी भी क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने गंगा घाटों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं द्वारा गंगा घाटों का रखरखाव किया जा रहा है उनके द्वारा घाटों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य ठीक ढंग से किया जाए। इसके लिए नगर निगम को संबंधित संस्थाओं के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए। गंगा में न जाए नालों का गंदा पानी जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल रखने के लिए किसी भी दशा में नालों का गंदा पानी गंगा नदी में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही इसका प्रयोग करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए चालानी कार्रवाई करने को कहा। बैठक में गंगा संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। विद्यालयों सामाजिक संस्थाओं स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए लोगों को गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। बैठक में जनपद में संचालित सीवेज शोधन संयंत्रों के कार्य प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को गंगा की स्वच्छता और जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरके सिंह अपर जिलाधिकारी प्रशासनिक जितेंद्र कुमार अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता गंगा समिति के सदस्य रामेश्वर गौड़ क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रुड़की डॉ.राजेंद्र सिंह पंचायत राज अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा खां सीवीओ सतीश जोशी जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पवन कार्की जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य असिस्टेंट इंजीनियर एचआरडीए प्रशांत सेमवाल मुख्य सफाई निरीक्षक नगर निगम संजय शर्मा कुलदीप सिंह रावत हेमचंद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
