प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग लैंसडाउन तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार के कैरियर परामर्श प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय में एक दिवसीय कैरियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कैरियर चयन रोजगार के अवसरों सेवायोजन विभाग के पोर्टलों तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.डीएस नेगी एवं सेवायोजन अधिकारी लैंसडाउन अजय सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो.डीएस नेगी ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल कर लेना रोजगार की गारंटी नहीं है। विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए रोजगारपरक कौशल तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास विकसित करना होगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपनी रुचि एवं क्षमताओं को पहचानकर लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर सीखते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में असीम संभावनाएं होती हैं आवश्यकता उन्हें पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ने की है। सेवायोजन अधिकारी लैंसडाउन अजय सिंह ने विद्यार्थियों को कैरियर के विभिन्न अवसरों के साथ ही सेवायोजन विभाग के पोर्टलों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रोजगार के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं को शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल विकसित करने पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप कैरियर लक्ष्य निर्धारित कर उपलब्ध अवसरों एवं विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने तथा निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों को कैरियर चयन रोजगार के उपलब्ध अवसरों कौशल विकास तथा सेवायोजन विभाग की विभिन्न सुविधाओं एवं योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों की कैरियर से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। इस अवसर पर एनसीसी अधिकारी डॉ.विनोद सिंह भंडारी कैरियर परामर्श प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ.मनीषा सिंह कैरियर काउंसलिंग समिति के सदस्य डॉ.गणेश चंद डॉ.हिमांशु डॉ. गीता एवं डॉ.भुवनेश कुमार सहित डॉ.आशाराम बिजल्वाण डॉ.संदीप कुमार डॉ.संजय मदान डॉ.मीनाक्षी वर्मा महाविद्यालय के प्राध्यापक कर्मचारी एनसीसी कैडेट्स तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
