प्रदीप कुमार
ज्योतिर्मठ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। 27 अगस्त को कोतवाली ज्योतिर्मठ पुलिस की ओर से जीजीआईसी इंटर कॉलेज ज्योतिर्मठ में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराध ऑनलाइन ठगी सोशल मीडिया से जुड़े जोखिम महिला सुरक्षा तथा महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक और सजग करना रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक विक्रम सिंह रावत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक और सोशल मीडिया आज रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं लेकिन थोड़ी सी लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए अवसर बन सकती है। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि ओटीपी बैंक संबंधी जानकारी एटीएम अथवा डेबिट कार्ड का विवरण यूपीआई पिन पासवर्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने अनजान ऐप डाउनलोड करने अथवा लालच देने वाले संदेश और फोन कॉल के झांसे में आने से भी बचें। छात्राओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने से बचें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा परेशान किए जाने फर्जी आईडी बनाकर बदनाम करने अश्लील संदेश भेजने फोटो या वीडियो का गलत इस्तेमाल करने अथवा ऑनलाइन धमकी देने की स्थिति में चुप न रहें और तत्काल इसकी जानकारी अभिभावकों शिक्षकों या पुलिस को दें। पुलिस ने छात्राओं को बताया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराने या शर्मिंदा होने के बजाय तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। साइबर ठगी होने की स्थिति में 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों उनके कानूनी अधिकारों और पुलिस सहायता के संबंध में भी छात्राओं को जागरूक किया गया। छेड़छाड़ पीछा करना धमकी अश्लील टिप्पणी अथवा ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी घटनाओं को नजरअंदाज न करने और तत्काल परिजनों या पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में भी जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी असहज या गलत स्पर्श की स्थिति में चुप न रहें उसका विरोध करें और भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। छात्राओं को विभिन्न पुलिस सहायता एवं हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए साइबर अपराध महिला संबंधी अपराध अथवा किसी भी आपात स्थिति में बिना झिझक पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार और सहपाठियों को भी साइबर अपराध एवं महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
