प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जनपद हरिद्वार में पात्रता सूची के पुनरीक्षण का कार्य विकासखंड स्तर पर शुरू कर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर योजना की सूची में शामिल अपात्र परिवारों को चिन्हित कर उनके नाम हटाने तथा पूर्व सर्वेक्षण में छूटे हुए पात्र परिवारों को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया की जा रही है। 18 अगस्त 2026 तक आपत्तियां एवं शिकायतें दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय सीमा के दौरान जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों से कुल 2,282 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इनमें से 943 आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है जबकि 1,340 आपत्तियों की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान अब तक जनपद के विभिन्न विकासखंडों में 419 अपात्र लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं। इन अपात्र लाभार्थियों के नाम पात्रता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही पूर्व सर्वेक्षण में छूटे हुए पात्र परिवारों तथा किसी कारणवश सूची से बाहर रह गए पात्र परिवारों की भी पुनः जांच की जा रही है ताकि पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहें। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पात्रता सूची में किसी भी स्थिति में कोई अपात्र व्यक्ति शामिल नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवास स्वीकृत होने से पहले यदि कोई लाभार्थी अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम सूची से विलोपित किया जाए। पात्रता सूची के पुनरीक्षण की इस प्रक्रिया का उद्देश्य योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। अधिकारियों को आपत्तियों और शिकायतों की जांच निष्पक्षता एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करते हुए पात्र एवं अपात्र परिवारों का सही ढंग से चिन्हांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
