प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय एन-कोर्ड समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई जनजागरूकता कार्यक्रमों और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ जनजागरूकता गतिविधियों को और व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राजस्व आबकारी एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करें। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को मासिक निरीक्षण की संख्या बढ़ाने तथा प्रत्येक फार्मेसी और मेडिकल स्टोर पर अधिकतम स्तर तक सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आबकारी एवं पुलिस विभाग को संयुक्त कार्रवाई करते हुए सत्यों-सक्लाना धनोल्टी एवं कैंपटी क्षेत्रों में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि युवाओं और आमजन के बीच जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। जिलाधिकारी ने अगली बैठक में टीएचडीसी एवं पीजी कॉलेजों के प्राचार्यों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए, ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत युवाओं के लिए नशे के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जा सकें। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग को नशामुक्त और शराबमुक्त घोषित गांवों की सूची अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस विभाग को ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने को कहा गया जहां पोस्त अफीम आदि की अवैध खेती की संभावना हो सकती है। बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि जुलाई माह में एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक अभियोग पंजीकृत किया गया जिसमें स्मैक बरामद की गई। आबकारी अधिनियम के तहत 15 अभियोग दर्ज किए गए। टीएनटीएफ टीमों द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए गए जनजागरूकता अभियान के तहत जुलाई माह में 48 गोष्ठियां आयोजित की गईं। इनमें 2,195 छात्र-छात्राओं और 2,171 स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया। कोटपा अधिनियम के तहत जुलाई माह में 262 चालान किए गए जबकि अब तक कुल 1,931 चालान किए जा चुके हैं। चिकित्सा विभाग ने बताया कि नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम के तहत विद्यालयों में चार प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। दो स्वास्थ्य शिविरों में भी गतिविधियां संचालित की गईं। टीसीसी काउंसलिंग के अंतर्गत 101 सामान्य काउंसलिंग 15 फार्माकोथेरेपी तथा दो फोकस्ड ग्रुप डिस्कशन आयोजित किए गए। आबकारी विभाग ने बताया कि अब तक 91 छापेमारी की गई हैं जिनमें 14 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा भी अब तक 12 निरीक्षण किए गए हैं। समाज कल्याण विभाग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति के माध्यम से प्रत्येक माह दो गांवों में नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित कर ग्राम सुधार समितियों का गठन किया जा रहा है। इसके साथ ही नगर पालिका टिहरी क्षेत्र में कॉकटेल रहित विवाह समारोह आयोजित करने के लिए भी सहयोग किया गया। शिक्षा विभाग ने बताया कि जनपद के शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग कमेटियों को सक्रिय किया गया है। नशे की लत से प्रभावित छात्रों का डेटा तैयार कर उनकी काउंसलिंग के प्रयास किए जा रहे हैं। सूचना विभाग ने बताया कि मानस हेल्पलाइन-1933 का सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से नियमित प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक में एसएसपी टिहरी श्वेता चौबे वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं। इसके अलावा डीएफओ टिहरी हिमांशु एडीएम शैलेंद्र नेगी एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता मनोचिकित्सक डॉ.रीना सिंह सीओ टिहरी चंद्र मोहन आबकारी अधिकारी कुंवर सिंह ड्रग इंस्पेक्टर ऋषभ धामा एसीएमओ डॉ.अमलेश कुमार समाज कल्याण विभाग से मयंक थपलियाल रॉड्स एनजीओ से रवीश चमोली सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
