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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3 ज्वालापुर तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18, कनखल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। जिलाधिकारी कक्षाओं में पहुंचे और छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे। उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी लेने के साथ ही मिड-डे मील की गुणवत्ता और भोजन नियमित रूप से मिलने के संबंध में भी छात्र-छात्राओं से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं कार्यरत शिक्षकों के संबंध में भी जानकारी ली। प्रधान अध्यापक सरिता रानी चौधरी ने बताया कि विद्यालय में 334 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें से बुधवार को 204 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय में 12 शिक्षक कार्यरत हैं तथा शिक्षक प्रमुद अहमद 4 फरवरी 2025 से विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि जनपद के प्रत्येक शिक्षण संस्थान में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से विद्यालयों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है ताकि शिक्षा मध्याह्न भोजन स्वच्छता एवं अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। शिक्षकों को पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना चाहिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बच्चों के मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बच्चों के भोजन में हरी सब्जी शामिल करने के निर्देश दिए तथा सभी विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुसार स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही विद्यालय परिसर कक्षाओं शौचालयों और पेयजल व्यवस्था की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों को समय-समय पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए ताकि बच्चों की शिक्षा उपस्थिति और प्रगति में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जहां-जहां भी विद्यालयों में कमियां चिन्हित की जा रही हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर कराया जाएगा। पुराने विद्यालय भवनों की मरम्मत एवं रखरखाव के कार्यों को सीएसआर के माध्यम से कराने की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी जिससे विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को और बेहतर बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी लगातार जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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