प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर पर एचपीवी टीकाकरण की सुविधा शुरू होने और विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने के बाद सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान ने गति पकड़ ली है। बीते एक सप्ताह में जनपद में 322 पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है जबकि बुधवार को 68 बालिकाओं को टीका लगाया गया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में एचपीवी टीकाकरण को लेकर लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात एएनएम विद्यालयों में पहुंचकर छात्राओं को एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर से बचाव तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दे रही हैं। साथ ही पात्र बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों को समय पर टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एचपीवी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा टेकचंदानी स्वयं भी विद्यालयों में पहुंचकर छात्राओं से संवाद कर रही हैं। उन्होंने अगस्त्यमुनि परकंडी और तिलकनगर स्थित राजकीय इंटर कॉलेजों का भ्रमण कर छात्राओं से बातचीत की तथा उन्हें एचपीवी टीकाकरण के महत्व और सर्वाइकल कैंसर से बचाव में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक करते हुए समय पर टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी 81 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में उन बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है लेकिन 15 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में जनपद में उक्त लक्षित आयुवर्ग की 1,943 बालिकाओं के सापेक्ष बुधवार तक 435 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बुधवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी वार्ता की। उन्होंने पात्र बालिकाओं को एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर से बचाव तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करने में सहयोग का आग्रह किया जिससे अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। वहीं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जखोली विकासखंड में एएनएम की बैठक लेकर एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा भी की। बैठक में टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए एएनएम को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पात्र बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जरूरी निर्देश दिए गए।
