प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ.धन सिंह रावत ने पाबों और पैठाणी विकासखंड के विभिन्न गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए 2 करोड़ 93 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस धनराशि से क्षेत्र में जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए जाएंगे। स्वीकृत धनराशि से मंदिरों का सौंदर्यीकरण गांवों में इंटरलॉकिंग मार्गों का निर्माण पंचायत भवनों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार गांवों के रास्तों पर सुरक्षा रेलिंग का निर्माण पेयजल स्रोतों से संबंधित कार्य तथा यात्रियों की सुविधा के लिए यात्री शेड का निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे। विकास कार्यों के लिए बड़ी धनराशि स्वीकृत होने से पाबों और पैठाणी विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों के निर्माण एवं मरम्मत पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और सार्वजनिक भवनों को बेहतर बनाने से स्थानीय लोगों को सीधे लाभ मिलेगा। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि क्षेत्र का समग्र एवं संतुलित विकास उनकी प्राथमिकता है। विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में भी मूलभूत सुविधाएं बेहतर हों इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जो मांगें रखी जा रही हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पेयजल रास्ते सार्वजनिक भवन धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और यात्रियों की सुविधा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। हमारा मुख्य उद्देश्य है कि विकास का लाभ गांव के अंतिम छोर तक रहने वाले व्यक्ति तक पहुंचे। डॉ.रावत ने कहा कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में आवश्यकतानुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है और क्षेत्रवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। 2 करोड़ 93 लाख रुपये की इस स्वीकृति को पाबों और पैठाणी क्षेत्र के ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा वहीं स्थानीय लोगों को आवागमन पेयजल और सार्वजनिक सुविधाओं के क्षेत्र में भी राहत मिलेगी।
