प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। एक ऑटो चालक की सजगता और पुलिस टीम की संवेदनशील एवं त्वरित कार्रवाई से करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला सकुशल अपने परिवार तक पहुंच गईं। रास्ता भटक जाने के बाद महिला अपने घर और परिजनों का सही पता नहीं बता पा रही थीं। ऐसे में ऑटो चालक ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें पुलिस के सुपुर्द किया जिसके बाद पुलिस ने दस्तावेजों और उपलब्ध संपर्क सूत्रों के माध्यम से उनके परिवार का पता लगाकर उन्हें परिजनों तक पहुंचाया। घटना 1 सितंबर 2026 की है। एक ऑटो चालक करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कार्यालय लेकर पहुंचा। ऑटो चालक ने पुलिस को बताया कि बुजुर्ग महिला काफी समय से बस अड्डे पर बैठी हुई थीं और उन्होंने उन्हें जौनपुर जाने के लिए कहा था। ऑटो चालक महिला को जौनपुर सहित अन्य स्थानों पर भी लेकर गया लेकिन वह अपने घर अथवा परिजनों का सही पता नहीं बता पा रही थीं। स्थिति संदिग्ध और चिंताजनक प्रतीत होने पर ऑटो चालक ने महिला को अकेला छोड़ने के बजाय मानवता का परिचय देते हुए पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की पुलिस टीम ने बुजुर्ग महिला से बातचीत कर उनके संबंध में जानकारी जुटाई। पूछताछ में महिला ने अपना नाम प्रेमसला निवासी बिजनौर उम्र करीब 90 वर्ष बताया। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह पूर्व में अपने पुत्र के साथ कोटद्वार में रहती थीं। इसी दौरान उनका स्थानीय बैंक में खाता खुला था और बैंक से संबंधित कार्य के लिए वह अकेले यहां आई थीं। हालांकि इस समय वह अपने पुत्र का वर्तमान पता और निवास स्थान स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रही थीं। पुलिस टीम ने महिला के सामान की जांच की तो उसमें बैंक की पासबुक और आधार कार्ड मिले। इन दस्तावेजों में उपलब्ध जानकारी और संपर्क सूत्रों के आधार पर पुलिस ने उनके पुत्र सतीश से संपर्क स्थापित किया। कुछ समय बाद सतीश की पत्नी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कार्यालय पहुंचीं। पुलिस टीम ने आवश्यक जानकारी की पुष्टि करने के बाद बुजुर्ग महिला को सकुशल उनकी बहू के सुपुर्द कर दिया। इस तरह ऑटो चालक की सजगता और पुलिस की संवेदनशील कार्रवाई के चलते रास्ता भटकी बुजुर्ग महिला अपने परिवार तक सुरक्षित पहुंच सकीं। पुलिस टीम में महिला कांस्टेबल विद्या मेहता कांस्टेबल सुमित कुमार और कांस्टेबल राहुल शामिल रहे।
