प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत आईटीईपी विद्यार्थियों को विधिक सेवाओं एवं उनके अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से स्थापित विधिक सेवा केंद्र की ओर से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं और सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ.अनु राही ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता कानूनी परामर्श अपने अधिकारों की जानकारी तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या अथवा अधिकारों के हनन की स्थिति में वे विधिक सेवा केंद्र से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर डॉ.सिद्धार्थ लोहनी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपस्थित स्वयंसेवी प्रियंका रॉय एवं उनके सहयोगियों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ अपने कानूनी अधिकारों एवं जिम्मेदारियों की जानकारी होना भी आवश्यक है। कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता विद्यार्थियों को विभिन्न परिस्थितियों में उचित निर्णय लेने और आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सहायता प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विधिक सेवाओं से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस दौरान विद्यार्थियों को विधिक सहायता की उपलब्धता और न्याय तक सहज पहुंच के संबंध में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों की समझ प्रदान करना तथा आवश्यकता के समय विधिक सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।
