प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पौड़ी में सीजनल इन्फ्लूएंजा तथा श्वसन तंत्र से संबंधित रोगों के संभावित प्रसार की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.मेघना असवाल ने जनपद के सभी चिकित्सा अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर चिकित्सालयों में की गई तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को सभी चिकित्सा इकाइयों में आइसोलेशन बेड और वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर ऑक्सीजन सिलेंडर आवश्यक दवाइयां और अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने को कहा। उन्होंने आशा कार्यकत्रियों और एएनएम के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में जुकाम बुखार खांसी और सांस से संबंधित बीमारियों के लक्षणों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। किसी क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप सामने आने पर तत्काल ब्लॉक स्तर के साथ ही जनपद स्तर पर एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम अनुभाग को सूचना देने के कड़े निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीजनल इन्फ्लूएंजा के लक्षण पाए जाने वाले मरीजों की सघन निगरानी करने और ऐसे मामलों की नियमित रिपोर्टिंग एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम तथा एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच पर सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों के नाक और गले के स्वैब के नमूने आवश्यकतानुसार नजदीकी जांच केंद्रों पर भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी या गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के मामलों के समूह पाए जाने पर तत्काल जांच निगरानी और नियंत्रण की कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन किया गया है जिसमें जिला सर्विलांस अधिकारी फिजीशियन बाल रोग विशेषज्ञ महामारी विज्ञानी और सूक्ष्म जीव विज्ञानी शामिल हैं। यह दल सीजनल इन्फ्लूएंजा एवं श्वसन तंत्र से संबंधित रोगों के मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को आशा और एएनएम के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को एच1एन1 तथा सीजनल इन्फ्लूएंजा के लक्षण बचाव और रोकथाम के संबंध में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से बुखार खांसी गले में खराश सांस लेने में परेशानी और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने तथा समय पर नजदीकी चिकित्सालय में चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों के प्रति विशेष सावधानी बरतने पर जोर दिया। सीजनल इन्फ्लूएंजा से बचाव और रोकथाम के लिए छींकते या खांसते समय नाक और मुंह को रूमाल से ढकने साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ साफ करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने की अपील की गई। साथ ही भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवश्यक सतर्कता बरतने पर भी जोर दिया गया। वर्चुअल बैठक के दौरान सीएमएस जिला चिकित्सालय पौड़ी डॉ.एलडी सेमवाल डॉ.पंकज सिंह माइक्रोबायोलॉजिस्ट दीक्षा राणा एपिडेमियोलॉजिस्ट शिवांगी सेमल्टी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में तैनात चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।
