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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने तथा उच्चतम न्यायालय द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा उठान कूड़ा निस्तारण ट्रेंचिंग ग्राउंड एमआरएफ सेंटर सहित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण किए जाएं। उन्होंने ट्रेंचिंग ग्राउंड, एमआरएफ सेंटर कूड़ा उठान केंद्रों और कूड़ा निस्तारण से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट निर्धारित अंतराल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था केवल कूड़ा उठान तक सीमित न रहे बल्कि कूड़े के वैज्ञानिक और व्यवस्थित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कूड़ा उठान एवं निस्तारण व्यवस्था में किसी भी प्रकार के संसाधनों की आवश्यकता होने पर उसकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। कूड़ा उठाने के लिए आवश्यक वाहन, उपकरण अथवा अन्य संसाधनों की आवश्यकता होने पर उनका स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया ताकि आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने खुले में कूड़ा फैलाने अथवा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जुर्माना एवं चालान की कार्रवाई की प्रगति की रिपोर्ट भी नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनसहभागिता के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी आवश्यक है। केदारनाथ धाम में कूड़ा निस्तारण पर विशेष जोर बैठक में केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुरूप किन-किन उत्पादों को ले जाने की अनुमति होनी चाहिए तथा किन उत्पादों पर प्रतिबंध अथवा नियंत्रण आवश्यक है इसकी सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यात्रा मार्ग पर नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ धाम की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। धाम एवं यात्रा मार्ग पर उत्पन्न होने वाले कूड़े को नीचे लाना अत्यंत आवश्यक है ताकि धाम क्षेत्र में कूड़ा एकत्रित न हो और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। कैरी मी बैक पहल में घोड़ा-खच्चर संचालकों से सहयोग की अपील जिलाधिकारी ने केदारनाथ धाम से कूड़ा नीचे लाने के लिए संचालित कैरी मी बैक पहल को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं संबंधित एसोसिएशनों से इस पहल में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं उनकी एसोसिएशनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि वापसी के दौरान घोड़ा-खच्चरों के माध्यम से छोटे-छोटे बैगों में कूड़ा नीचे लाया जा सके। इससे यात्रा मार्ग एवं धाम क्षेत्र में कूड़ा जमा होने से रोकने के साथ ही स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि कैरी मी बैक पहल को जनभागीदारी से सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो घोड़ा-खच्चर संचालक इस अभियान में सक्रिय सहयोग करते हुए कूड़ा नीचे लाने में योगदान देंगे उन्हें प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।। इससे स्वच्छता के प्रति लोगों को प्रोत्साहित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने सोनप्रयाग क्षेत्र में एमआरएफ सेंटर के निर्माण के लिए शीघ्र भूमि चिन्हित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और प्राप्त निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनपद को स्वच्छ एवं कूड़ा मुक्त बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।

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