प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में डेंगू रोग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग का सोर्स रिडक्शन अभियान लगातार जारी है। अभियान के तहत अब तक 39,158 घरों का सर्वे कर 3,81,522 पानी के टैंक सहित अन्य कंटेनरों की जांच की गई है। इन घरों के माध्यम से 1,56,477 की आबादी तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंची हैं। वहीं अब तक 1,276 लोगों के आरटीडी और 25 लोगों के एलाईजा टेस्ट किए गए हैं जिनके सभी नतीजे नेगेटिव पाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू के उपचार प्रबंधन को लेकर सतर्कता बरतने के साथ ही रोकथाम और नियंत्रण के लिए जनजागरूकता तथा लार्वा निरोधात्मक कार्रवाई लगातार कर रहा है। उन्होंने बताया कि 15 जून 2026 से लगातार चल रहे डेंगू सोर्स रिडक्शन एवं जनजागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमों ने 1,56,477 की आबादी में 39,158 घरों का सर्वे किया और 3,81,522 पानी के टैंक व अन्य कंटेनरों की जांच की है। उन्होंने बताया कि रुके हुए पानी में डेंगू का मच्छर पनपने की आशंका बनी रहती है। इसलिए डेंगू से बचाव का सबसे बेहतर उपाय मच्छर को पनपने से रोकना है। सोर्स रिडक्शन अभियान के दौरान आशा कार्यकत्रियों एएनएम और अभियान के लिए गठित टीमों द्वारा लोगों को घरों स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास पानी एकत्रित न होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लोगों से जल भंडारण की वस्तुओं को ढककर रखने कूलर फूलदान टंकी सहित उन सभी स्थानों पर पानी एकत्रित न होने देने की अपील की जा रही है जहां पानी जमा हो सकता है। साथ ही ऐसे स्थानों की सप्ताह में एक बार सफाई करने डेंगू के मच्छर से बचाव के लिए पूरी बांहों वाले कपड़े पहनने तथा मच्छरदानी मच्छर नाशक क्रीम और स्प्रे आदि का प्रयोग करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे सप्ताह में एक बार अपने घर और आसपास जल भंडारण के सभी संभावित स्थानों की केवल दस मिनट सफाई जरूर करें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि डेंगू को लेकर उपचार प्रबंधन पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। डेंगू रोग की रोकथाम के लिए सीएचसी अगस्त्यमुनि में 6 बेड सीएचसी जखोली और पीएचसी ऊखीमठ में 2-2 बेड तथा माधवाश्रम चिकित्सालय में 6 डेंगू बेड की व्यवस्था की गई है। इस तरह चिकित्सालय स्तर पर कुल 16 डेंगू आइसोलेशन बेड उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही चिकित्सालय स्तर पर नोडल की तैनाती भी की गई है। उन्होंने बताया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में डेंगू जांच किट उपलब्ध हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि जखोली पीएचसी ऊखीमठ और जिला चिकित्सालय में डेंगू जांच की सुविधा उपलब्ध है। वहीं जिला चिकित्सालय स्थित डीपीएचएल में डेंगू एलाईजा टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध है। अब तक 1,276 लोगों के आरटीडी टेस्ट और 25 लोगों के एलाईजा टेस्ट किए जा चुके हैं। सभी जांचों के नतीजे नेगेटिव पाए गए हैं।
