प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में स्टाइपेंड बढ़ाने की एक सूत्रीय मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं संकाय सदस्यों ने वार्ता कर मरीजों और स्वयं के व्यापक हित में आंदोलन समाप्त करने की अपील की। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों की मांग को लेकर सभी स्तरों पर सकारात्मक रुख सामने आया है और प्रकरण शासन में विचाराधीन है। ऐसे में भरोसा रखते हुए आंदोलन समाप्त करना सभी के हित में होगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों की मांग को लेकर सकारात्मक निर्णय की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने उनके शांतिपूर्ण आंदोलन में सहयोग भी किया है लेकिन अस्पताल के मुख्य प्रवेश एवं ओपीडी पंजीकरण क्षेत्र के बाहर धरना देने से मरीजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और वरिष्ठ चिकित्सकों को मरीजों को देखने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि बेस अस्पताल गढ़वाल क्षेत्र का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। चारधाम यात्रा चरम पर है और वर्षाकाल जारी रहने के साथ ही आपदा का संकट भी लगातार बना हुआ है। ऐसे में अस्पताल के प्रवेश मार्ग पर शोर-शराबा और आवागमन बाधित होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी हो सकती है। विशेष रूप से गंभीर मरीजों और आपातकालीन सेवाओं को देखते हुए आंदोलन का वर्तमान स्वरूप उचित नहीं है। प्राचार्य ने कहा कि शासन-प्रशासन की ओर से सकारात्मक रुख सामने आने के बाद आंदोलन समाप्त करना इंटर्न डॉक्टरों के लिए भी सम्मानजनक कदम होगा। यदि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर शासन के सकारात्मक आश्वासन पर आंदोलन समाप्त करते हैं तो इससे पूरे प्रदेश में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ.आशुतोष सयाना ने भी पत्र भेजकर इंटर्न डॉक्टरों से शासन के सकारात्मक रुख को देखते हुए आंदोलन समाप्त करने की अपील की है। कॉलेज प्रशासन ने भी इंटर्न डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे अब मरीजों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। वार्ता के दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एएन पांडेय डिप्टी एमएस डॉ.दीपा हटवाल डॉ.दीपक डिमरी डॉ.दयाकृष्ण टम्टा डॉ.सीएम शर्मा डॉ.सतीश कुमार डॉ.सुरेंद्र सिंह डॉ.मोहित सैनी डॉ.अरुण गोयल डॉ.अंकिता गिरी डॉ.शिखा भट्ट डॉ.इंदिरा यादव सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहे। सभी ने इंटर्न डॉक्टरों से उच्च स्तर से मिले सकारात्मक आश्वासन पर विश्वास करते हुए मरीज हित में आंदोलन समाप्त करने की अपील की। इस दौरान श्रीकोट पुलिस चौकी प्रभारी एसआई राजेश असवाल ने भी इंटर्न डॉक्टरों से वार्ता कर अपने विचार रखे। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इंटर्न डॉक्टर भविष्य के चिकित्सक हैं और समाज उनसे संवेदनशीलता की अपेक्षा करता है। ऐसे में अपनी जायज मांग के लिए आवाज उठाने के साथ-साथ मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए आंदोलन समाप्त करना उनकी चिकित्सकीय जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचायक होगा।
