Spread the love

प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली नगर पुलिस की प्रभावी विवेचना और साक्ष्य संकलन के चलते नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को आठ माह के भीतर न्याय मिला है। विशेष पॉक्सो न्यायालय ने दुष्कर्म के दोषी सूरज प्रकाश पोखरियाल को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई महिला एवं बाल अपराधों के प्रति एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई प्रभावी पुलिस कार्रवाई और मजबूत साक्ष्य संकलन का परिणाम बताई गई है। कोतवाली नगर हरिद्वार में 16 जनवरी 2026 को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के संबंध में तहरीर प्राप्त हुई थी। पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए अभियोग पंजीकृत किया और पीड़िता का सरकारी अस्पताल हरिद्वार में मेडिकल परीक्षण कराया। कोतवाली नगर पुलिस टीम ने उसी दिन आरोपी सूरज प्रकाश पोखरियाल पुत्र वीरेंद्र पोखरियाल निवासी घटियाली पौड़ी गढ़वाल हाल निवासी भारत माता पुरम कॉलोनी भूपतवाला थाना कोतवाली नगर हरिद्वार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। मामले की विवेचना महिला उपनिरीक्षक निशा सिंह द्वारा की गई। विवेचक ने प्रकरण से संबंधित साक्ष्यों का विधिवत संकलन करते हुए 2 मार्च 2026 को आरोपी के विरुद्ध आरोप-पत्र न्यायालय के समक्ष प्रेषित किया। इसके बाद मामले का विचारण विशेष पॉक्सो न्यायालय में हुआ। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद 9 सितंबर 2026 को आरोपी सूरज प्रकाश पोखरियाल को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार प्रभावी विवेचना समयबद्ध कार्रवाई और साक्ष्यों के विधिवत संकलन के कारण मामले में पीड़िता को घटना के आठ माह के भीतर न्याय मिल सका।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *