प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। श्री राजराजेश्वरी मां नन्दा जात यात्रा में देव डोलियों के साथ श्रद्धालु आस्था और भक्ति से सराबोर होकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। पहाड़ की कठिन चढ़ाइयों गधेरों दुर्गम पहाड़ी पगडंडियों और संकरे रास्तों से गुजर रही इस पावन यात्रा में पुलिस एवं एसडीआरएफ के जवान भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं और यात्रा मार्ग पर हर मोड़ पर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।यात्रा के दौरान पुलिसकर्मी देव डोलियों के साथ पैदल चलते हुए बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही गधेरों पहाड़ी ढलानों संकरे एवं जोखिमपूर्ण रास्तों पर पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी निभा रहे हैं। वहीं एसडीआरएफ के जवान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। देव डोलियों एवं श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम पड़ाव स्थलों पर भी पर्याप्त पुलिस बल और एसडीआरएफ की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में निरंतर आगे बढ़ती रहे। यात्रा मार्ग पर भीड़ नियंत्रण सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुलिस बल लगातार सक्रिय है। कठिन पहाड़ी परिस्थितियों नदी-नालों दुर्गम पगडंडियों संकरे एवं फिसलन भरे रास्तों और लगातार पैदल चलने के बावजूद पुलिस एवं एसडीआरएफ के जवान पूरी जिम्मेदारी तत्परता और सेवाभाव के साथ ड्यूटी पर डटे हुए हैं। यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मां नन्दा की पावन जात यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। देव डोलियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही पुलिस एवं एसडीआरएफ यात्रा को सुरक्षित व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 10 सितंबर 2026 को परगना दशोली की डोली रात्रि विश्राम के लिए पगना परगना बधाण की डोली सूना तथा परगना बण्ड क्षेत्र की डोली किरोली पहुंचेगी।
