राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष योग शिविर का आयोजन
प्रदीप कुमार
अगस्त्यमुनि-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में नमामि गंगे इकाई के तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष योग शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य,प्राध्यापकगण,कर्मचारी तथा शिक्षा संकाय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।योग शिविर का संचालन योग प्रशिक्षक जितेन्द्र रावत द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को ताड़ासन,वृक्षासन,भुजंगासन,त्रिकोणासन,हलासन,भ्रामरी प्राणायाम और अनुलोम-विलोम जैसे विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। साथ ही,योग के शारीरिक,मानसिक और आत्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा,योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं,बल्कि यह मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति प्राप्त करने का मार्ग भी है।"इस अवसर पर नमामि गंगे इकाई की नोडल अधिकारी डॉ.ममता भट्ट ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना एवं योग को जीवनशैली में शामिल करने हेतु प्रेरित करना है।
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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष योग शिविर का आयोजन
प्रदीप कुमार
अगस्त्यमुनि-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में नमामि गंगे इकाई के तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष योग शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य,प्राध्यापकगण,कर्मचारी तथा शिक्षा संकाय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।योग शिविर का संचालन योग प्रशिक्षक जितेन्द्र रावत द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को ताड़ासन,वृक्षासन,भुजंगासन,त्रिकोणासन,हलासन,भ्रामरी प्राणायाम और अनुलोम-विलोम जैसे विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। साथ ही,योग के शारीरिक,मानसिक और आत्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा,योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं,बल्कि यह मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति प्राप्त करने का मार्ग भी है।”इस अवसर पर नमामि गंगे इकाई की नोडल अधिकारी डॉ.ममता भट्ट ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना एवं योग को जीवनशैली में शामिल करने हेतु प्रेरित करना है।