प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय महाविद्यालय खाड़ी टिहरी गढ़वाल में 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह और ऊर्जा के साथ प्रतिभाग किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। हिंदी पखवाड़े और हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से विभिन्न भाषाई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 12 सितंबर को निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने राजभाषा हिंदी के महत्व वैश्विक स्तर पर हिंदी की स्थिति डिजिटल युग और सोशल मीडिया में हिंदी की स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हिंदी के अवसर एवं चुनौतियां तथा लोकभाषा से राजभाषा तक हिंदी के विकास जैसे विषयों पर उत्कृष्ट निबंध लिखे। इसी क्रम में 14 सितंबर को महाविद्यालय परिसर में कविता वाचन एवं भाषण प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने हिंदी भाषा के संरक्षण और संवर्धन को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं कविता वाचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देशभक्ति और साहित्य से ओत-प्रोत रचनाओं की सुंदर प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में डॉ.ईरा सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिंदी साहित्य के महान साहित्यकारों भारतेंदु हरिश्चंद्र जयशंकर प्रसाद रामधारी सिंह दिनकर महादेवी वर्मा और सुमित्रानंदन पंत को याद करते हुए हिंदी के विकास में उनके योगदान को नमन किया। हिंदी विभाग की मीना ने हिंदी दिवस की ऐतिहासिकता और महत्व के साथ वर्तमान समय में सोशल मीडिया तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में हिंदी की सशक्त उपस्थिति पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिंदी के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर भी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि हिंदी न केवल हमारी मातृभाषा है बल्कि यह देश को एकता के सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम भी है। आयोजित प्रतियोगिताओं के परिणाम में निबंध प्रतियोगिता में शालिनी ने प्रथम भूमिका ने द्वितीय और मनप्रीत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कविता वाचन प्रतियोगिता में सुरजी प्रथम अंजली द्वितीय और कुसुम तृतीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता में संजना ने प्रथम भूमिका ने द्वितीय और किरण ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने हिंदी साहित्य के मूर्धन्य कवियों की कालजयी रचनाओं और पंक्तियों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हिंदी के समृद्ध इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे दैनिक व्यवहार में हिंदी भाषा का अधिक से अधिक उपयोग करें और इसके मान-सम्मान एवं गौरव को बनाए रखने का संकल्प लें। इस अवसर पर प्राध्यापक वर्ग से डॉ.ईरा सिंह डॉ.शनव्वर डॉ.मीनाक्षी लाइब्रेरी अधिकारी डॉ.ममता तथा कर्मचारी वर्ग से प्रशासनिक अधिकारी शूरवीर दास कनिष्ठ सहायक मनीषा आशीष दीपक पंकज और हितेश उपस्थित रहे।
