प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। खाद्य सुरक्षा आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड देहरादून विनय शंकर पांडे और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन हरिद्वार की ओर से खाद्य प्रतिष्ठानों के आकस्मिक निरीक्षण एवं नमूना संग्रह का अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त एवं अभिहित अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम हरिद्वार कैलाश चंद्र टम्टा ने नगर निगम क्षेत्र के श्रवणनाथ नगर शिव मूर्ति चौक रानीपुर मोड़ आदि क्षेत्रों में अभियान चलाया। अभियान के तहत एक यात्री की शिकायत के आधार पर श्रवणनाथ नगर रेलवे रोड स्थित श्याम रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट के किचन में अत्यधिक गंदगी पाई गई। साथ ही रेस्टोरेंट में कॉकरोच और चूहों की सक्रियता भी मिली। इस पर संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। प्रतिष्ठान से मसाला डोसा का एक विधिक नमूना जांच के लिए लिया गया। इसके अलावा खाद्य कारोबारकर्ता और कार्मिकों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र पेस्ट कंट्रोल संबंधी अभिलेख तथा पेयजल की जांच रिपोर्ट सहित अन्य आवश्यक अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस पर खाद्य कारोबारकर्ता को प्रतिष्ठान में आवश्यक सुधार करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अपेक्षित सुधार नहीं किए जाने पर खाद्य पंजीकरण निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। विकास कॉलोनी के निकट ओल्ड रानीपुर मोड़ स्थित थोक विक्रेता एवं वितरक फर्म भगवती ट्रेडर्स का भी निरीक्षण किया गया। यहां संदेह के आधार पर नंद केसरी ब्रांड गाय के घी और गोल्डन क्राउन ब्रांड शहद के विधिक नमूने जांच के लिए लिए गए। इसके अतिरिक्त रानीपुर मोड़ के पास सूर्या कॉम्प्लेक्स में संचालित रेस्टोरेंट बैरागी राजमा चावल का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट का खाद्य पंजीकरण गलत पाया गया। खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा रेस्टोरेंट का पंजीकरण लेने के बजाय फुटकर विक्रेता श्रेणी का पंजीकरण प्रस्तुत किया गया। इस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
