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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में मिले अज्ञात पुरुष के शव के मामले का खुलासा करते हुए हत्या में शामिल एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मृतक महिला पर अपना परिवार छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था। महिला द्वारा पति को पूरी बात बताए जाने के बाद पति ने अपनी पत्नी भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का चापड़ भी बरामद किया है। मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। 17 सितंबर 2026 की सुबह सिटी हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र के दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ था। मृतक के पास बिजनौर की बस का टिकट मिला था लेकिन शिनाख्त के लिए कोई अन्य दस्तावेज नहीं था। पुलिस टीम ने शव की पहचान के लिए आसपास के थानों और सीमावर्ती जनपदों में पुलिस टीम भेजकर प्रयास शुरू किए। इसी बीच 20 सितंबर 2026 को हरिद्वार पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव की पहचान गोपाल पुत्र उमा चरण निवासी नई बस्ती आबकारी चौकी के निकट बिजनौर उत्तर प्रदेश उम्र 50 वर्ष के रूप में की। मृतक के बेटे आशु कुमार की तहरीर पर कोतवाली नगर हरिद्वार में अज्ञात के खिलाफ हत्या और सामूहिक आपराधिक कृत्य से संबंधित प्रकरण दर्ज किया गया। हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस टीम ने विवेचना के दौरान सामने आए प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर 21 सितंबर 2026 को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार पता चला कि इसी वर्ष फेफड़ों में पानी भरने की वजह से नरेन्द्र का मेरठ स्थित एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसी दौरान मृतक गोपाल के संपर्क में आने के बाद उसने किसी तरीके से नरेन्द्र की पत्नी का मोबाइल नंबर प्राप्त किया और उससे बातचीत करने लगा। दोनों के बीच अच्छी जान पहचान होने के बाद पैसों की मदद मिलने के कारण उनके बीच संबंध बन गए। पुलिस के अनुसार मृतक लगातार महिला से अपना परिवार छोड़कर उसके साथ आने के लिए कह रहा था लेकिन बच्चों से लगाव के चलते महिला इसके लिए तैयार नहीं थी। रक्षाबंधन के दौरान अपने प्रेमी से मिलने बिजनौर पहुंची महिला को उसके पति ने कथित तौर पर रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान मृतक द्वारा पति से मारपीट किए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस के अनुसार मृतक लगातार फोन कर महिला पर अपने साथ चलने का दबाव बना रहा था। साथ ही अश्लील वीडियो प्रसारित करने और जान से मारने की धमकी देकर उसे अपने पास बुलाने तथा जबरदस्ती अवैध संबंध बनाने का दबाव बनाया जा रहा था। इससे परेशान होकर महिला ने अपने पति को पूरी बात बता दी। महिला ने यह भी बताया कि मृतक आपराधिक किस्म का व्यक्ति है और कई बार जेल जा चुका है तथा पुलिस के पास जाने की चेतावनी देता है। पुलिस के अनुसार इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए नरेन्द्र ने अपनी पत्नी और अपने भाई के साथ मिलकर मृतक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने अपने ही गांव के एक व्यक्ति को 50 हजार रुपये में साथ देने के लिए तैयार किया। योजना के अनुसार 16 सितंबर 2026 को महिला ने मृतक को मिलने के लिए हरिद्वार बुलाया। रात के समय महिला मृतक को गंगा घाट पर लेकर गई। मृतक द्वारा शराब पीने और खाना खाने के बाद गंगा घाट पर सो जाने पर पहले से छिपकर बैठे आरोपी पति और अन्य लोगों ने चापड़ और छुरी से वार कर गोपाल की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन और पर्स निकालकर बड़ी गंगा में फेंक दिया और अपने घर चले गए। पुलिस ने हत्या के मामले में नरेंद्र पुत्र ओम प्रकाश निवासी ग्राम मोमिनपुर दर्गो भारेरा कोतवाली बिजनौर जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश उम्र 40 वर्ष तथा उसकी पत्नी उम्र 36 वर्ष को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रयुक्त एक लोहे का चापड़ बरामद किया गया है। प्रकरण में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई में कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा वरिष्ठ उपनिरीक्षक नंद किशोर ग्वाड़ी उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान उपनिरीक्षक नवीन नेगी उपनिरीक्षक खेमेंद्र गंगवार उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल अपर उपनिरीक्षक संदीप वर्मा हेड कांस्टेबल संजय कुमार पाल हेड कांस्टेबल सतीश नौटियाल कांस्टेबल अजीत तोमर कांस्टेबल निर्मल कांस्टेबल राकेश कुमार कांस्टेबल पवन तथा महिला कांस्टेबल शोभा शामिल रहे। सहयोगी टीम में सीआईयू प्रभारी नरेंद्र बिष्ट और कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।

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