प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान के निर्देश पर जिले में शिक्षा से वंचित एवं ड्रॉपआउट छात्राओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की पहल के परिणामस्वरूप जिले में अब तक 444 ड्रॉपआउट छात्राओं का चिन्हीकरण किया गया है। इनमें से पहले चरण में 112 छात्राओं का विद्यालयों में दाखिला कराया जा चुका है जबकि दूसरे चरण में 111 ड्रॉपआउट छात्राओं को स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पारिवारिक समस्याओं आर्थिक कठिनाइयों और अन्य परिस्थितियों के कारण कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे। ऐसी सभी बालिकाओं का प्राथमिकता के आधार पर चिन्हीकरण करते हुए उनकी आयु एवं शैक्षणिक स्तर के अनुरूप विद्यालय में दाखिला दिलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कार्यवाही केवल चिन्हीकरण तक सीमित न रहे बल्कि प्रत्येक ड्रॉपआउट बालिका की स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए उसके विद्यालय में पुनः प्रवेश की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार संबंधित परिवारों से समन्वय स्थापित कर बालिकाओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य उन बालिकाओं को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है जिनकी पढ़ाई किसी न किसी पारिवारिक अथवा सामाजिक परिस्थिति के कारण बीच में छूट गई है। पहले चरण में 112 छात्राओं का विद्यालय में दाखिला कराया जाना इस दिशा में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं दूसरे चरण में 111 और बालिकाओं को विद्यालय से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन की पहल से ड्रॉपआउट बालिकाओं को अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू करने का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को नई उड़ान देने का अवसर भी प्राप्त होगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शिक्षा से जुड़ी प्रत्येक बालिका को विद्यालय तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
