प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हेली सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में अगस्त माह में कोतवाली गुप्तकाशी में पंजीकृत मामले में प्रकाश में आए अभियुक्त राहुल थापा को पुलिस टीम ने ऋषिकेश से गिरफ्तार किया है। अभियुक्त को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी चमोली भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार वादी करण गुजराल पुत्र अशोक गुजराल निवासी लेक टाउन कात्रज-कोंढवा रोड पुणे महाराष्ट्र द्वारा हेली सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी के संबंध में कोतवाली गुप्तकाशी में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें पीड़ित से लगभग 5 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि अभियुक्त राहुल थापा पुत्र स्वर्गीय राम थापा निवासी शीशमबाड़ा शेरपुर जनपद देहरादून ने पैसों के लालच में श्रद्धालुओं को हेली टिकट उपलब्ध कराने का झांसा देकर ऑनलाइन धोखाधड़ी की। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से दो मोबाइल फोन सिम कार्ड सहित बैंक पासबुक चेकबुक एटीएम कार्ड पैन कार्ड एवं आधार कार्ड बरामद किए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक एवं बैंक संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा कुछ होटल संचालकों एवं हेली प्रदाता कंपनियों के बारे में जानकारी दी गई है जिसके संबंध में अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी चमोली भेजा गया है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दिनेश सती चौकी प्रभारी फाटा कोतवाली गुप्तकाशी तथा मुख्य आरक्षी जयप्रकाश चौकी फाटा कोतवाली गुप्तकाशी शामिल रहे। रुद्रप्रयाग पुलिस ने समस्त श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील की है कि केदारनाथ धाम यात्रा के लिए हेली सेवा की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट से ही करें। किसी भी अनधिकृत वेबसाइट सोशल मीडिया लिंक अथवा अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर धनराशि स्थानांतरित न करें। हेली टिकट बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी लिंक या वेबसाइट की विश्वसनीयता की पुष्टि किए बिना भुगतान न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
