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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के दिशा-निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं के त्वरित निवारण डिजिटल डेटा प्रबंधन आईआरएडी ई-डीएआर और पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनपद के पुलिस कर्मियों के लिए पुलिस लाइन में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। टिहरी जनपद में सड़क दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण और उनकी प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से डीआरएम आईआरएडी रविंद्र सिंह चौहान ने आईआरएडी इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस पोर्टल के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं का डेटा ऑनलाइन आईआरएडी पोर्टल पर अपलोड करने के संबंध में पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। बताया गया कि इस पोर्टल के माध्यम से पुलिस स्वास्थ्य लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग आपस में जुड़े हुए हैं। इसके जरिए सड़क की जांच रोड एजेंसी वाहन की जांच तथा पीड़ित के पोस्टमार्टम ड्रंक ड्राइव अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट सहित विभिन्न जांच रिपोर्ट संबंधित विभागों से पोर्टल के माध्यम से प्राप्त की जा सकती हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में पुलिस विभाग की तकनीकी दक्षता को मजबूत करना तथा दुर्घटना पीड़ितों को समयबद्ध सहायता और न्याय सुनिश्चित करना रहा। पीएम राहत योजना के प्रशिक्षण के दौरान सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस उपचार से जुड़ी प्रक्रियाओं में पुलिस की भूमिका एवं समन्वय पर जोर दिया गया। बताया गया कि पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। दुर्घटना के बाद के शुरुआती बेहद महत्वपूर्ण समय यानी गोल्डन ऑवर में बिना किसी अग्रिम भुगतान के अस्पताल में तुरंत उपचार शुरू किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस और अस्पतालों के बीच ई-डीएआर इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट और टीएमएस 2.0 ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से डिजिटल समन्वय स्थापित किया जाता है। इससे पुलिस सत्यापन और उपचार की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में मदद मिलती है। अस्पतालों को उपचार का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना फंड के माध्यम से सीधे किया जाता है जिससे दुर्घटना पीड़ित परिवार पर आर्थिक संकट का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि केंद्र सरकार की इस कल्याणकारी पहल और पुलिस के बेहतर समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़ों में कमी लाने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में उपनिरीक्षक राजेंद्र कुमार सुनील कुमार विनय शर्मा उपनिरीक्षक सुषमा रावत सहायक उपनिरीक्षक महाबीर सिंह रावत दीपक सिंह पंवार साक्षी रावत प्रियंका देवी कांस्टेबल कल्पना चौहान बबीता डोभाल सहित अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।

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