प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित डॉ राजेंद्र अण्थवाल ने विकास भवन सभागार में जनपद में गोवंश संरक्षण एवं गौसदनों की व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौसदनों के लिए भूमि चयन की कार्रवाई 15 दिन के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही ग्राम्य गोसेवकों गौसदनों को दिए जा रहे राजकीय अनुदान एवं भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने गोवंश संरक्षण अधिनियम 2007 के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने गोवंश के जन्म-मरण की रिकॉर्डकीपिंग डेयरियों का पंजीकरण एवं समय-समय पर उनकी जांच सुनिश्चित करने तथा गोवंश को निराश्रित छोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिन निकायों में गोवंश लिफ्टिंग वैन उपलब्ध नहीं है वहां तत्काल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जनपद में गोहत्या गोकशी एवं गो तस्करी की घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने सभी चौकी एवं थाना प्रभारियों को गोवंश से संबंधित अवैध गतिविधियों के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों के छात्रों के माध्यम से भी गोवंश संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। बताया गया कि जनपद में कुल 25 गौसदन हैं जिनमें 21 गैर सरकारी तथा चार सरकारी गौसदन हैं। इनमें कुल 2653 निराश्रित गोवंश को रखा गया है। जनपद के कुल 10 विकासखंडों में 32 ग्राम्य गोसेवक पंजीकृत हैं। पशुपालन विभाग द्वारा अब तक 2,76,076 गोवंश की ईयर टैगिंग की जा चुकी है जबकि 73.61 प्रतिशत गोवंश का टीकाकरण हो चुका है। बैठक में जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित गौसदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। नए गौसदनों के लिए भूमि चयन तथा लंबित प्रस्तावों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी पुलिस उपाधीक्षक दिव्येश उपाध्याय मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.विशाल शर्मा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
