प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। महाविद्यालय खाड़ी में 10 अक्टूबर 2026 को प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में अभिभावक शिक्षक संघ की कार्यकारिणी का गठन किया गया। संस्थान के शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में सुशीला देवी को अध्यक्ष चुना गया। अभिभावक शिक्षक संघ की सचिव डॉ.सीमा पांडे ने बैठक का आयोजन किया। इसमें महाविद्यालय के प्राध्यापकों और कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सर्वसम्मति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत संघ की नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए अनुभवी और समर्पित सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यकारिणी में सुशीला देवी को अध्यक्ष और रोशनी देवी को उपाध्यक्ष चुना गया। सुशीला देवी को ही कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। बैठक के दौरान महाविद्यालय प्रशासन और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों की उपस्थिति और अनुशासन के साथ उनकी शैक्षणिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा परिसर में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं पर भी विचार विमर्श किया गया। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद सुशीला देवी ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह अभिभावकों और महाविद्यालय प्रशासन के बीच मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेंगी। विद्यार्थियों के हित में हर संभव कदम उठाए जाएंगे और नियमित बैठकें आयोजित कर सभी के बीच संवाद बनाए रखा जाएगा। उपाध्यक्ष रोशनी देवी ने संघ के उद्देश्यों को पूरा करने में पूर्ण सहयोग देने की बात कही। वहीं कोषाध्यक्ष सुशीला देवी ने भी महाविद्यालय के विकास में सहयोग करने का आश्वासन दिया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि अभिभावक और शिक्षक किसी भी संस्थान के दो मजबूत स्तंभ होते हैं। सशक्त अभिभावक शिक्षक संघ के गठन से विद्यार्थियों की समस्याओं का समय पर समाधान करने और उनके शैक्षणिक स्तर को और ऊंचा उठाने में मदद मिलेगी। बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी के नेतृत्व में महाविद्यालय के विकास को नई ऊर्जा और गति मिलेगी। अभिभावक शिक्षक संघ के गठन के अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
