प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग के एमएससी वानिकी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों का 10 अक्टूबर को हर्षिल के लिए शैक्षणिक भ्रमण प्रारंभ हुआ। यह भ्रमण विभाग के प्राध्यापक डॉ एल एस कंडारी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वन पारिस्थितिकी जैव विविधता वन्यजीव संरक्षण तथा पर्वतीय वन क्षेत्रों की प्राकृतिक विशेषताओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थी नेहरू पर्वतारोहण संस्थान एनआईएम नेलांग घाटी तथा गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान सहित प्रमुख स्थलों का भ्रमण करेंगे। इन स्थलों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिमालयी क्षेत्र की वनस्पतियों पारिस्थितिक तंत्र प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने और क्षेत्रीय अध्ययन के माध्यम से अपने व्यावहारिक कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण वानिकी के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनके माध्यम से वन प्रबंधन पारिस्थितिक संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित विषयों की बेहतर समझ विकसित होती है। यह शैक्षणिक भ्रमण 10 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान विद्यार्थी विभिन्न प्राकृतिक एवं संस्थागत स्थलों का अवलोकन कर अपने शैक्षणिक ज्ञान और क्षेत्रीय अनुभव में वृद्धि करेंगे।
