प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने 18 अक्टूबर 2026 को कोटद्वार के सिम्बलचौड़ स्थित किशोरी संप्रेक्षण गृह और नवनिर्मित डे केयर सेंटर ओपन शेल्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने देवी रोड और मालन पुल डिग्री कॉलेज से मवाकोट तक चल रहे पैचवर्क कार्यों का जायजा लेने के साथ ही पौराणिक कण्वाश्रम का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किशोरियों की शिक्षा स्वास्थ्य और कौशल विकास से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा सड़क मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने डे केयर सेंटर का शेष कार्य शीघ्र पूरा कर इसे शुरू करने और कण्वाश्रम में ऐतिहासिक सूचना पट्ट प्रवेश द्वार मंदिर मार्ग तथा नेचर ट्रेल विकसित करने के लिए आगणन तैयार करने को कहा। सिम्बलचौड़ स्थित किशोरी संप्रेक्षण गृह में जिलाधिकारी ने किशोरियों से आत्मीय संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं की जानकारी ली। उन्होंने आलंबन परियोजना के अंतर्गत किशोरियों को आजीविका और कौशल विकास के लिए दिए जा रहे 10 दिवसीय ऐपन एवं भीमल आर्ट प्रशिक्षण का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने भीमल के रेशे से तैयार की जा रही कलाकृतियों को देखा और किशोरियों का उत्साहवर्धन किया। जिलाधिकारी ने आगामी एक नवंबर से किशोरियों के लिए स्कूल वैन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पौड़ी स्थित विज्ञान संग्रहालय और उपजिलाधिकारी कार्यालय का एक्सपोजर विजिट कराने तथा टेबल टेनिस की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने किशोरियों को दशहरा और दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं। संप्रेक्षण गृह की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने रसोई में डाइट चार्ट और टाइम टेबल के साथ एक्टिविटी रूम रिहैबिलिटेशन रूम कंसल्टिंग रूम सेफ्टी रूम ड्रेसिंग रूम और शौचालयों का जायजा लिया। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए महीने में कम से कम दो बार मेडिकल टीम भेजने के निर्देश दिए। विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा ताकि किशोरियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके बाद जिलाधिकारी ने नवनिर्मित डे केयर सेंटर ओपन शेल्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को फिनिशिंग का शेष कार्य शीघ्र पूरा करने और केंद्र में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र को जल्द शुरू कर उपयोग में लाने को कहा। जिलाधिकारी ने देवी रोड स्थित मालन पुल डिग्री कॉलेज से मवाकोट तक चल रहे पैचवर्क कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही पहले से बनी उन सड़कों की नियमित निगरानी करने को कहा जो अभी दोष सुधार अवधि में हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क पर कोई कमी सामने आने पर उसे समय रहते ठीक कराया जाए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने पौराणिक कण्वाश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय को लीज पर दी गई वन भूमि के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों से संवाद कर पठन-पाठन की गुणवत्ता की जानकारी ली और आश्रम के भोजनालय का निरीक्षण किया। भोजनालय में 50 छात्र पंजीकृत हैं। जिलाधिकारी ने भोजनालय में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य अभिहित अधिकारी को भी भोजनालय का निरीक्षण करने को कहा। जिलाधिकारी ने पौराणिक कण्वाश्रम मंदिर के प्रवेश द्वार पर ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देने के लिए एलईडी सूचना पट्ट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कण्वाश्रम मंदिर मार्ग के विकास के साथ आश्रम के प्रवेश पर बड़े आकार का वुडेन लुक वाला गेट लगाने और लाइटिंग की व्यवस्था करने को कहा। इसके अलावा नेचर ट्रेल विकसित करने के लिए आगणन तैयार करने के निर्देश दिए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके बाद जिलाधिकारी ने कण्वाश्रम स्थित वन विभाग की नर्सरी का निरीक्षण किया। उन्होंने नक्षत्र वाटिका पर्यावरण उद्यान और कैफे के निर्माण संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार तहसीलदार राजेंद्र सनवाल जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता कपिल कुमार वन विभाग के एसडीओ सुधीर कुमार और वन दरोगा वीसी जोशी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
