प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना ग्रामीण महिलाओं को जंगलों से घास ढोने की कठिनाइयों और जोखिमों से राहत देने के साथ मक्का उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और पशुपालकों तक पौष्टिक पशु आहार पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। सहकारिता के इस मॉडल से ग्रामीण महिलाओं के श्रम और समय की बचत हो रही है। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन को मजबूती देने में भी मदद मिल रही है। योजना के विस्तार और साइलेज फेडरेशन की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार 18 अक्टूबर 2026 को देहरादून के अजबपुर स्थित फेडरेशन के नवनिर्मित कार्यालय का शुभारंभ सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर डॉ.धन सिंह रावत ने साइलेज फेडरेशन को आगामी एक वर्ष में 100 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर हासिल करने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों और पशुपालकों के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। फेडरेशन का विस्तार कर राज्य के प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों को इस परियोजना से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और उन्हें सीधे आर्थिक लाभ मिल सकेगा। 3.50 करोड़ रुपये से शुरू हुआ कारोबार 50 करोड़ के पार सहकारिता मंत्री ने बताया कि साइलेज फेडरेशन ने वर्ष 2019 में उत्तराखंड सहकारी विकास परियोजना यानी यूकेसीडीपी से प्राप्त 3.50 करोड़ रुपये के ऋण के माध्यम से कारोबार शुरू किया था। शुरुआत में 375 मक्का उत्पादक किसानों और एम-पैक्स के सहयोग से शुरू हुई यह पहल आज विस्तार पाकर नई आर्थिक संभावनाएं पैदा कर रही है। वर्तमान में फेडरेशन का वार्षिक टर्नओवर 50 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। मक्का उत्पादक किसानों को अब तक 15 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान में 2500 से अधिक किसान और 10 हजार से अधिक महिलाएं इस व्यवस्था से लाभान्वित हो रही हैं। लगभग 200 एम-पैक्स के माध्यम से पशुपालकों तक साइलेज पहुंचाया जा रहा है। वितरण व्यवस्था में सहयोग देने वाली सहकारी समितियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में अब तक 2.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ मिल रहा है और इस व्यवस्था को आगे भी मजबूत किया जाएगा। टीएमआर यूनिट से पशुओं को मिलेगा संतुलित आहार सहकारिता मंत्री ने कहा कि पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण और संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने के लिए टीएमआर यानी टोटल मिक्स्ड राशन यूनिट स्थापित की गई है। इसे शीघ्र शुरू किया जाएगा। इस यूनिट के संचालन से हरे चारे की कमी दूर करने और पशुओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दूध की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि साइलेज उत्पादन और वितरण की मजबूत व्यवस्था किसानों और पशुपालकों के साथ सहकारी समितियों के बीच आर्थिक सहयोग की नई श्रृंखला विकसित करेगी। राज्य सरकार की ओर से पशुपालकों को अब तक 80 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया जा चुका है।डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। साइलेज फेडरेशन के विस्तार से मक्का उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार मिलने के साथ पशुपालकों को पौष्टिक पशु आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था और मजबूत होगी। कार्यक्रम में साइलेज फेडरेशन के अध्यक्ष हर्षुल वर्मा और प्रबंध निदेशक मोनिका चुनेरा सहित संयुक्त निबंधक रविंद्री मंदरवाल महाप्रबंधक सुमन कुमार उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंधक सुशील तिवारी फेडरेशन के निदेशक और अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
