प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 को निष्पक्ष पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में निर्वाचन कार्यों के लिए तैनात नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 2045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें 766 ग्रामीण और 1279 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों के मतदेय स्थलों पर बिजली पेयजल रैंप शेड सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पोलिंग स्टेशनों के नामों का सत्यापन करने और चार से पांच बूथ वाले केंद्रों पर मतदाताओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था करने को कहा। 19 पोलिंग स्टेशन नेटवर्क विहीन क्षेत्र में जिलाधिकारी ने पोलिंग स्टेशनों पर नेटवर्क सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि मसूरी क्षेत्र के सात और चकराता क्षेत्र के 12 पोलिंग स्टेशन अभी भी नेटवर्क विहीन क्षेत्र में हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में जनपद के 65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की संभावना है। इसे देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के लिए अभी से आकस्मिकता योजना तैयार करने को कहा गया ताकि बर्फबारी के कारण निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाएं प्रभावित न हों। अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी जिलाधिकारी ने बताया कि देहरादून की सीमाएं हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला तथा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के अलावा उत्तराखंड के चार जनपदों से लगती हैं। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लाइंग स्क्वॉड टीम और वीडियो सर्विलांस टीम गठित कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। सीमावर्ती क्षेत्रों में नकदी और शराब की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। जनपद में करीब 12 लाख मतदाता जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के बाद जनपद में कुल 11 लाख 94 हजार 797 मतदाता हैं। इनमें 6 लाख 17 हजार 41 पुरुष 5 लाख 77 हजार 706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। जनपद में 10 हजार 201 दिव्यांगजन तथा 85 वर्ष से अधिक आयु के 7 हजार 845 मतदाता हैं। उन्होंने बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा और दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदेय स्थलों पर व्हीलचेयर स्वयंसेवक डोली पालकी सहित आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे। कम मतदान वाले बूथों पर चलेगा जागरूकता अभियान जिलाधिकारी ने व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम स्वीप के तहत 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले बूथों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे मतदेय स्थलों को भी चिह्नित करने को कहा जहां पुरुषों अथवा महिलाओं का मतदान प्रतिशत कम रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं का प्रारूप छह के माध्यम से मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने और उनके मतदाता पहचान पत्र बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। निर्वाचन ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों पीआरडी जवानों वाहन चालकों सफाई कर्मियों और अन्य कार्मिकों के मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। जिलाधिकारी ने बुक्सा जनजाति के 40 गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस तैयार कर शुरू होगा प्रशिक्षण जिलाधिकारी ने निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और सेक्टर अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस जल्द तैयार कर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी नोडल अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करने और अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी तथा पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा परियोजना निदेशक विक्रम सिंह जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी उप जिलाधिकारी और निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
