खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया दो राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं का समापन
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार खेल मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को 42वी नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप और 28वीं नेशनल पूमसे ताइक्वांडो चैंपियनशिप का समापन किया। रोशनाबाद के वंदना कटारिया स्टेडियम में उन्होंने पदक विजेताओं को पदक पहनकर सम्मानित किया।इन प्रतियोगिताओं में 18 राज्यों से आए कुल 700 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के बाद अब उत्तराखंड खेल पर्यटन का भी तीर्थ बन गया है।उन्होंने कहा कि बीते तीन दिनों में चार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का उद्घाटन और समापन उन्होंने किया है। इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ अब खेल भूमि बन रहा है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल अनुशासन,प्रतिबद्धता,ईमानदारी और समर्पण जैसे जीवन मूल्य भी सिखाता हैं।उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं आगे चलकर वही देश के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतेंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों से बहुत संभव है कि 2036 ओलंपिक का आयोजन भारत में हो,खिलाड़ियों को इसके लिए अभी से लक्ष्य बनाकर तैयारी में जुट जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जिस तरह हर घर से एक सैनिक निकलता रहा है ठीक वैसे ही भविष्य में यहां हर घर से एक खिलाड़ी पैदा होना चाहिए।इस अवसर पर फादर ऑफ ताइक्वांडो इन इंडिया डाॅ.जिमी आर जगत्यानी,निदेशक ताइक्वांडो फेडरेशन आफ इंडिया पीटर जगत्यानी,जिला खेल अधिकारी शबाली गुरुंग,देवभूमि उत्तराखंड ताइक्वांडो एसोसिएशन अध्यक्ष अवधेश कुमार,महासचिव राहुल धीमान,तकनीकी निदेशक मनोज त्यागी,आनंद भारती,जितेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
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खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया दो राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं का समापन
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार खेल मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को 42वी नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप और 28वीं नेशनल पूमसे ताइक्वांडो चैंपियनशिप का समापन किया। रोशनाबाद के वंदना कटारिया स्टेडियम में उन्होंने पदक विजेताओं को पदक पहनकर सम्मानित किया।इन प्रतियोगिताओं में 18 राज्यों से आए कुल 700 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के बाद अब उत्तराखंड खेल पर्यटन का भी तीर्थ बन गया है।उन्होंने कहा कि बीते तीन दिनों में चार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का उद्घाटन और समापन उन्होंने किया है। इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ अब खेल भूमि बन रहा है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल अनुशासन,प्रतिबद्धता,ईमानदारी और समर्पण जैसे जीवन मूल्य भी सिखाता हैं।उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं आगे चलकर वही देश के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतेंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों से बहुत संभव है कि 2036 ओलंपिक का आयोजन भारत में हो,खिलाड़ियों को इसके लिए अभी से लक्ष्य बनाकर तैयारी में जुट जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जिस तरह हर घर से एक सैनिक निकलता रहा है ठीक वैसे ही भविष्य में यहां हर घर से एक खिलाड़ी पैदा होना चाहिए।इस अवसर पर फादर ऑफ ताइक्वांडो इन इंडिया डाॅ.जिमी आर जगत्यानी,निदेशक ताइक्वांडो फेडरेशन आफ इंडिया पीटर जगत्यानी,जिला खेल अधिकारी शबाली गुरुंग,देवभूमि उत्तराखंड ताइक्वांडो एसोसिएशन अध्यक्ष अवधेश कुमार,महासचिव राहुल धीमान,तकनीकी निदेशक मनोज त्यागी,आनंद भारती,जितेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।