प्रदीप कुमार
धनौरी-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करना समय की आवश्यकता है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सकती है। यह बात अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी मुरुगेशन ने कही। शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिस की ओर से हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में साइबर अपराध एवं नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए एडीजी डॉ.वी मुरुगेशन ने कहा कि युवाओं के सहयोग से नशे की जड़ों पर प्रहार करना होगा। नशे की लत का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरा परिवार इसकी पीड़ा झेलता है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहने के साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने छात्र-छात्राओं से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं ताकि उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने युवाओं से समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इससे पूर्व महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ.हर्ष सैनी और सचिव डॉ.आदित्य सैनी ने महाविद्यालय पहुंचने पर अपर पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का स्वागत किया। अतिथियों ने महाविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय डॉ.तेजवीर सिंह सैनी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ.योगेश योगी ने किया। प्रोफेसर की भूमिका में नजर आए एडीजी विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद कार्यशाला के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी मुरुगेशन ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने उनसे नशे के दुष्प्रभावों नशे के खिलाफ जागरूकता और समाज में नशे की रोकथाम में युवाओं की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे। छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ उनके सवालों के जवाब दिए। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की प्रतिभा जागरूकता और विषय पर उनकी समझ देखकर एडीजी प्रभावित हुए। उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और सामाजिक जागरूकता के कार्यों में आगे बढ़कर भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। साइबर क्राइम ब्रांच ने लघु फिल्मों के माध्यम से किया जागरूक कार्यशाला में देहरादून से पहुंची साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। सेमिनार हॉल में प्रोजेक्टर के माध्यम से लघु फिल्में और चित्र प्रदर्शित कर साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। टीम ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि के प्रति सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया। साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने छात्र-छात्राओं से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर आमजन को साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने की अपील भी की ताकि जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। इस अवसर पर एसपी ग्रामीण अभय सिंह सहायक पुलिस अधीक्षक देवव्रत जोशी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.मुनेन्द्र सिंह डॉ.अंजलि राठौर डॉ.निशा रानी डॉ.सरिता चंद्र डॉ.राहुल देव और अंकेश चौहान सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
