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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक और शिक्षणेत्तर संवर्ग के रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता खुल गया है। राज्य सरकार ने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हटा दी है। अब विद्यालयों की प्रबंधन समितियां छात्र संख्या के अनुरूप अपने-अपने विद्यालयों में स्वीकृत रिक्त पदों पर भर्ती कर सकेंगी। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने मीडिया को जारी बयान में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विद्यालयों में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में प्रदेशभर के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक और शिक्षणेत्तर संवर्ग के पदों पर लगी रोक हटाने का निर्णय लिया गया है। अब इन विद्यालयों की प्रबंधन समितियां नियमानुसार रिक्त पदों पर भर्ती कर सकेंगी। डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कुछ विद्यालयों की प्रबंधन समितियां शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर रही हैं जबकि अन्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालयों में नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अशासकीय विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों मानकों और पारदर्शिता के अनुरूप पूरी की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया केवल उन्हीं स्वीकृत रिक्त पदों पर आगे बढ़ाई जाएगी जिन्हें सक्षम स्तर से पुनर्जीवित अथवा बहाल किया गया हो। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन से बचा जा सकेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती में विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकता और छात्र संख्या को प्राथमिकता दी जाएगी। छात्र संख्या के अनुरूप ही शिक्षकों के पदों पर भर्ती सुनिश्चित की जाएगी ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने के साथ शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार हो सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अशासकीय विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और शासनादेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी निष्पक्ष और नियमसम्मत तरीके से पूरी की जानी चाहिए। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार ने छात्र हितों को देखते हुए सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में भर्ती पर लगी रोक हटा दी है। इससे विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुरूप रिक्त पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है। विद्यालयों की प्रबंधन समितियां निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करते हुए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी। इससे विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी।

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