प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सिरोबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए किए जा रहे उपचार कार्यों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में संचालित सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि मार्ग पर यातायात सुचारु बनाए रखने के साथ ही यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिरोबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर 100 मीटर के दायरे में आवश्यक संकेतक लगाए जाएं। इन संकेतकों के माध्यम से वाहन चालकों को भूस्खलन संभावित क्षेत्र निर्माण कार्यों तथा यातायात संबंधी आवश्यक सावधानियों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क रह सकें और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए तथा यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि भूस्खलन क्षेत्र में उपचार कार्यों के दौरान आमजन स्थानीय निवासियों और मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्माण कार्यों के दौरान यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं तथा आवश्यकता के अनुसार यातायात नियंत्रित करने के लिए संबंधित कार्मिकों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि उपचार कार्यों के दौरान यदि किसी बड़ी मशीनरी अथवा भारी उपकरण को कार्यस्थल पर लाया जाना हो तो इसकी सूचना समय रहते पुलिस और प्रशासन को अनिवार्य रूप से दी जाए। इससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने तथा संभावित जाम से बचने के लिए आवश्यक प्रबंध समय पर किए जा सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूस्खलन क्षेत्र में किए जा रहे उपचार कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे करने के लिए आवश्यक संसाधनों और मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि सिरोबगड़ मार्ग चारधाम यात्रा सहित जनपद में आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस संवेदनशील क्षेत्र में सड़क सुरक्षा यातायात की सुगमता और भूस्खलन की समस्या के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं स्थानीय नागरिकों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।
