प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। समाचार पत्रों में गंगा नदी में गंदा पानी गिरने संबंधी प्रकाशित खबर और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में नई सोता नाले की टैपिंग व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस संबंध में अनुरक्षण शाखा गंगा उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान नाले की पाइपलाइन में सिल्ट और मिट्टी जमा होने के कारण जल निकासी प्रभावित होने की स्थिति सामने आई। इसके बाद पाइपलाइन में जमा सिल्ट और मिट्टी को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को सुचारू किया गया। इसके साथ ही नई सोता नाले के संपूर्ण अपस्ट्रीम क्षेत्र में सघन सफाई अभियान चलाया गया ताकि नाले में जल प्रवाह सुचारू बना रहे और जल निकासी व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में सिटी मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और नाले की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराई। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि नाले की सफाई और टैपिंग व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। जल निकासी में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रवासियों से भी बातचीत की। उन्हें निर्देशित किया गया कि घरों और प्रतिष्ठानों का दूषित पानी नाले में न जाने दिया जाए। यदि किसी घर या प्रतिष्ठान का दूषित पानी नाले में जाता पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत और सहायक अभियंता ब्रजमोहन रावत के साथ अपर सहायक अभियंता कु निधि सेठी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शेखर नगर निगम की टीम तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
