प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस द्वारा विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को राष्ट्रीय एकता तथा देशभक्ति के साथ साइबर अपराधों से बचाव और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में कोतवाली कीर्तिनगर पुलिस द्वारा अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज कीर्तिनगर में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपने चित्रों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता तथा देशभक्ति के साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। प्रतियोगिता में खुशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि अर्नव द्वितीय और अपेक्षा तृतीय स्थान पर रहे। पुलिस द्वारा विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बाल सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के प्रति भी जागरूक किया गया। वहीं थाना घनसाली पुलिस द्वारा सेंट मेरी स्कूल घनसाली में विद्यालय के वार्षिकोत्सव के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 500 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के साथ अभिभावकों ने प्रतिभाग किया। पुलिस टीम ने उपस्थित लोगों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से होने वाली साइबर ठगी के प्रति सतर्क किया। व्हाट्सएप फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी तथा फर्जी वीडियो कॉल के माध्यम से किए जाने वाले साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। कार्यक्रम में यातायात नियमों का पालन करने और नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली आर्थिक तथा सामाजिक हानि के संबंध में भी जागरूक किया गया। टिहरी पुलिस द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति के साथ सामाजिक सद्भाव तथा कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को साइबर सुरक्षा नशामुक्ति बाल सुरक्षा तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी इन कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य है।
