प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। किसी ने अपनी सुरीली आवाज से निर्णायकों का ध्यान खींचा तो किसी ने शानदार नृत्य प्रस्तुति से मंच पर खूब तालियां बटोरीं। बच्चों और युवाओं के जोश तथा उत्साह और प्रतिभा से बुधवार का दिन गुलजार रहा। मौका था बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2026 के प्रमुख आकर्षण ‘श्रीनगर के सितारे’ गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता के ऑडिशन का। ऑडिशन में श्रीनगर शहर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। अब इन्हीं प्रतिभागियों में से चयनित फाइनलिस्ट बैकुंठ चतुर्दशी मेले के मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इस बार प्रतियोगिता को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए नगर निगम की ओर से निर्णायक मंडल में विशेष रूप से बाहरी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया। गायन प्रतियोगिता के निर्णायक प्रसार प्रशिक्षण केंद्र पौड़ी के प्रशिक्षक दिनेश सिंह रावत तथा राजकीय इंटर कॉलेज बहेड़ाखाल के संगीत सहायक अध्यापक शिवमूर्ति राणा रहे। वहीं नृत्य प्रतियोगिता में रंगकर्मी गौरव गैरोला और पीयूष मंद्रवाल ने निर्णायक की भूमिका निभाते हुए प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की संख्या भी उत्साहजनक रही। जूनियर वर्ग के नृत्य में 32 और गायन में चार प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया। वहीं सीनियर वर्ग के नृत्य में 35 और गायन में 54 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। इस तरह कुल 125 प्रतिभागियों ने ऑडिशन में हिस्सा लिया। निर्णायकों के मूल्यांकन के आधार पर गायन और नृत्य की अलग-अलग विधाओं में फाइनलिस्ट का चयन किया जाएगा। ये प्रतिभागी मेले के दौरान ‘श्रीनगर के सितारे’ का खिताब पाने के लिए अपनी प्रस्तुतियां देंगे। ऑडिशन के दौरान महापौर आरती भंडारी ने निर्णायकों का स्वागत किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं में प्रतियोगिता को लेकर जिस तरह का उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला है वह बेहद उत्साहजनक है। श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें उचित मंच और अवसर देने की है। ‘श्रीनगर के सितारे’ नगर निगम की इसी दिशा में एक पहल है जिसके माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि प्रतियोगिता में निष्पक्षता और पारदर्शिता प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से निर्णायकों को बाहर से आमंत्रित किया गया है ताकि सभी प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी कला और मेहनत तथा प्रस्तुति के आधार पर हो। प्रयास है कि किसी भी प्रतिभागी के साथ पक्षपात न हो और योग्य प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेले के मंच पर इन्हीं बच्चों और युवाओं के बीच से श्रीनगर के सितारे चुने जाएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि हार-जीत से बढ़कर अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करना और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद विजय चमोली तथा नरेंद्र रावत और राजकुमार एवं रमेश रमोला तथा राजेंद्र नेगी और अनुराग चौहान तथा दिनेश पटवाल सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। बैकुंठ चतुर्दशी मेले में श्रीनगर की प्रतिभाएं अपने हुनर का प्रदर्शन कर शहर का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि किसकी आवाज दर्शकों का दिल जीतती है और किसके कदमों की थिरकन मंच पर अपनी छाप छोड़ती है।
