प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पशुपालन विभाग के तत्वावधान में बुधवार को विकास भवन सभागार में एकीकृत नमूना सर्वेक्षण के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ई-एलआईएसएस मोबाइल एप के माध्यम से पशुधन उत्पादन से संबंधित आंकड़ों के संकलन और ऑनलाइन प्रविष्टि की प्रक्रिया के बारे में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यशाला में कुल 42 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। एकीकृत नमूना सर्वेक्षण केंद्र प्रायोजित योजना है जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष दूध और अंडा तथा मांस एवं ऊन के उत्पादन का अनुमान विभिन्न नमूना सर्वेक्षणों के आधार पर तैयार किया जाता है। इस योजना का संचालन भारत सरकार के मत्स्य पालन पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा राज्य के पशुपालन विभागों के माध्यम से किया जाता है। सर्वेक्षण प्रतिवर्ष विभिन्न ऋतुओं में चार राउंड के तहत संपादित किया जाता है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को सर्वेक्षण की प्रक्रिया और पशुधन से संबंधित आंकड़ों के व्यवस्थित संकलन तथा ई-एलआईएसएस मोबाइल एप पर ऑनलाइन प्रविष्टि करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही सर्वेक्षण के दौरान आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के संबंध में भी जानकारी दी गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने कहा कि पशुधन उत्पादन से संबंधित सटीक आंकड़े तैयार करने में एकीकृत नमूना सर्वेक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। ई-एलआईएसएस मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का डिजिटल संकलन होने से सर्वेक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तथा सटीक बनेगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का प्रभावी उपयोग करते हुए सर्वेक्षण कार्य को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से संपादित करने की अपेक्षा की। इस अवसर पर अपर सांख्यिकी अधिकारी शंकर सिंह तथा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक खंडूड़ी और जिला स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ. एकता बिष्ट सहित विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।
