जनपद रुद्रप्रयाग के जिला अस्पताल का वायरल वीडियो: अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया पक्ष
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।सोशल मीडिया पर इन दिनों जनपद रुद्रप्रयाग के जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है,जिसमें एक महिला द्वारा इलाज और दवाइयां न मिलने की बात कही गई है। इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए तथ्यों को सामने रखा है।जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग के सीएमएस डॉ.प्रवीण कुमार ने बताया कि यह वीडियो भ्रामक और एकतरफा पक्ष को दर्शाने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त महिला 5 जुलाई को अपने 18 वर्षीय पुत्र के कान की तकलीफ के इलाज हेतु अस्पताल आई थीं। उस दिन ईएनटी सर्जन अवकाश पर होने के कारण बच्चे को डॉ. मनीष द्वारा देखा गया।डॉ.मनीष ने बच्चे की स्थिति का संपूर्ण परीक्षण कर परिजनों को कान बहने व संबंधित अन्य समस्याओं की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि कान की शल्य चिकित्सा आवश्यक है।उन्होंने महिला को पांच दिन की दवाएं दीं और स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित अवधि के बाद पुनः अस्पताल आकर दिखाएं।सीएमएस के अनुसार,सभी दवाएं अस्पताल द्वारा निःशुल्क दी गईं और महिला ने उस समय अस्पताल प्रशासन का आभार भी जताया था। इसके अतिरिक्त,पुनः परामर्श हेतु आने की सलाह भी दी गई थी,लेकिन दुर्भाग्यवश महिला पांच दिन बाद अस्पताल नहीं लौटी।डॉ.प्रवीण कुमार ने कहा कि जिला अस्पताल मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानकर कार्य करता है। किसी भी भ्रम या एकतरफा जानकारी से अस्पताल की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत करना अनुचित है। उन्होंने अपील की कि किसी भी शिकायत या समस्या की स्थिति में मरीज सीधे अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करें,ताकि तत्काल समाधान किया जा सके।
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जनपद रुद्रप्रयाग के जिला अस्पताल का वायरल वीडियो: अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया पक्ष
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।सोशल मीडिया पर इन दिनों जनपद रुद्रप्रयाग के जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है,जिसमें एक महिला द्वारा इलाज और दवाइयां न मिलने की बात कही गई है। इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए तथ्यों को सामने रखा है।जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग के सीएमएस डॉ.प्रवीण कुमार ने बताया कि यह वीडियो भ्रामक और एकतरफा पक्ष को दर्शाने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त महिला 5 जुलाई को अपने 18 वर्षीय पुत्र के कान की तकलीफ के इलाज हेतु अस्पताल आई थीं। उस दिन ईएनटी सर्जन अवकाश पर होने के कारण बच्चे को डॉ. मनीष द्वारा देखा गया।डॉ.मनीष ने बच्चे की स्थिति का संपूर्ण परीक्षण कर परिजनों को कान बहने व संबंधित अन्य समस्याओं की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि कान की शल्य चिकित्सा आवश्यक है।उन्होंने महिला को पांच दिन की दवाएं दीं और स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित अवधि के बाद पुनः अस्पताल आकर दिखाएं।सीएमएस के अनुसार,सभी दवाएं अस्पताल द्वारा निःशुल्क दी गईं और महिला ने उस समय अस्पताल प्रशासन का आभार भी जताया था। इसके अतिरिक्त,पुनः परामर्श हेतु आने की सलाह भी दी गई थी,लेकिन दुर्भाग्यवश महिला पांच दिन बाद अस्पताल नहीं लौटी।डॉ.प्रवीण कुमार ने कहा कि जिला अस्पताल मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानकर कार्य करता है। किसी भी भ्रम या एकतरफा जानकारी से अस्पताल की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत करना अनुचित है। उन्होंने अपील की कि किसी भी शिकायत या समस्या की स्थिति में मरीज सीधे अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करें,ताकि तत्काल समाधान किया जा सके।