गढ़वाल विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर सेंटर और डीन स्टूडेंट वेलफेयर ने आयोजित किया हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।डॉ.अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस DACE एवं डीन स्टूडेंट वेलफेयर DSW,हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय,चौरास कैंपस के संयुक्त तत्वावधान में हमारा संविधान,हमारा स्वाभिमान विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं संकाय सदस्यों में संवैधानिक जागरूकता बढ़ाना एवं भारतीय संविधान के प्रति गर्व को रेखांकित करना था।कार्यक्रम की शुरुआत सभी उपस्थित सदस्यों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक वाचन एवं शपथ लेकर हुई,जिसमें सभी ने न्याय,स्वतंत्रता,समानता और बंधुत्व के मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई।डॉक्टर अंबेडकर सेंटर के समन्वयक प्रो एम.एम.सेमवाल ने संविधान की विकास यात्रा को बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है,यह हमारे राष्ट्र की आत्मा और लोकतंत्र की नींव है।भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी जीवंतता है।डॉक्टर सेमवाल ने कहा की संविधान को केवल पढ़ना और जानना ही नहीं,बल्कि उसके मूल्यों के साथ जीना भी हमारी जिम्मेदारी है।इस अवसर पर डीन नियुक्ति एवं प्रमोशन प्रोफेसर.एम.एस.पंवार ने उत्तराखंड राज्य की समृद्धि के साथ-साथ उसकी असुरक्षा,दुर्गम भौगोलिक स्थिति और हाशिए पर बसे समुदायों की चुनौतियों पर चर्चा की और जन-जागरूकता को रेखांकित करते हुए संविधान के महत्व बताया।छात्र अधिष्ठाता कल्याण प्रोफेसर ओ.पी.गुसांई ने अधिकार एवं कर्तव्य के संतुलन,व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सम्मान और सतत विकास लक्ष्यों के माध्यम से वैश्विक समस्याओं के स्थानीय समाधान पर जोर दिया।इस मौके पर,निदेशक चौरास कैंपस एवं ग्रामीण विकास के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आर एस नेगी ने युवाओं को संविधान की मूल भावना से जुड़ने का आह्वान किया तथा वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम को ग्रामीण सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।अंबेडकर सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की छात्राओं पूजा एवं कु.ज्योति ने संविधान की प्राचीन जड़ों,संविधान की सर्वोच्चता तथा “वसुधैव कुटुंबकम” के सिद्धांत पर अपने विचार साझा किऐ।इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी विभाग के सूरज कुमार को अंबेडकर सेंटर की वेबसाइट बनने के लिए उनको सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की रिपोर्ट केंद्र की छात्रा साक्षी वर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई।इस अवसर पर संकाय सदस्यों में डॉ.वी.के.पुरोहित,डॉ.सोमेश थपलियाल,डॉ.प्रशांत आर्य,डॉ.जसपाल सिंह चौहान,डॉ.राम कुमार साहू,डॉ.प्रकाश सिंह,डॉ.आनंद कुमार,डॉ.राकेश नेगी डाॅ.प्रकाश सिंह एवं डॉ.आशीष बहुगुणा सम्मिलित थे।कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर आशीष बहुगुणा ने किया।कार्यक्रम का समापन डॉ.एम.एम.सेमवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ,जिसमें उन्होंने सभी वक्ताओं एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा यह संदेश दिया कि संविधान केवल कानून का दस्तावेज़ नहीं,बल्कि राष्ट्र का गौरव और नैतिक पथ-प्रदर्शक है।
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गढ़वाल विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर सेंटर और डीन स्टूडेंट वेलफेयर ने आयोजित किया हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।डॉ.अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस DACE एवं डीन स्टूडेंट वेलफेयर DSW,हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय,चौरास कैंपस के संयुक्त तत्वावधान में हमारा संविधान,हमारा स्वाभिमान विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं संकाय सदस्यों में संवैधानिक जागरूकता बढ़ाना एवं भारतीय संविधान के प्रति गर्व को रेखांकित करना था।कार्यक्रम की शुरुआत सभी उपस्थित सदस्यों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक वाचन एवं शपथ लेकर हुई,जिसमें सभी ने न्याय,स्वतंत्रता,समानता और बंधुत्व के मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई।डॉक्टर अंबेडकर सेंटर के समन्वयक प्रो एम.एम.सेमवाल ने संविधान की विकास यात्रा को बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है,यह हमारे राष्ट्र की आत्मा और लोकतंत्र की नींव है।भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी जीवंतता है।डॉक्टर सेमवाल ने कहा की संविधान को केवल पढ़ना और जानना ही नहीं,बल्कि उसके मूल्यों के साथ जीना भी हमारी जिम्मेदारी है।इस अवसर पर डीन नियुक्ति एवं प्रमोशन प्रोफेसर.एम.एस.पंवार ने उत्तराखंड राज्य की समृद्धि के साथ-साथ उसकी असुरक्षा,दुर्गम भौगोलिक स्थिति और हाशिए पर बसे समुदायों की चुनौतियों पर चर्चा की और जन-जागरूकता को रेखांकित करते हुए संविधान के महत्व बताया।छात्र अधिष्ठाता कल्याण प्रोफेसर ओ.पी.गुसांई ने अधिकार एवं कर्तव्य के संतुलन,व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सम्मान और सतत विकास लक्ष्यों के माध्यम से वैश्विक समस्याओं के स्थानीय समाधान पर जोर दिया।इस मौके पर,निदेशक चौरास कैंपस एवं ग्रामीण विकास के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आर एस नेगी ने युवाओं को संविधान की मूल भावना से जुड़ने का आह्वान किया तथा वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम को ग्रामीण सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।अंबेडकर सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की छात्राओं पूजा एवं कु.ज्योति ने संविधान की प्राचीन जड़ों,संविधान की सर्वोच्चता तथा “वसुधैव कुटुंबकम” के सिद्धांत पर अपने विचार साझा किऐ।इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी विभाग के सूरज कुमार को अंबेडकर सेंटर की वेबसाइट बनने के लिए उनको सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की रिपोर्ट केंद्र की छात्रा साक्षी वर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई।इस अवसर पर संकाय सदस्यों में डॉ.वी.के.पुरोहित,डॉ.सोमेश थपलियाल,डॉ.प्रशांत आर्य,डॉ.जसपाल सिंह चौहान,डॉ.राम कुमार साहू,डॉ.प्रकाश सिंह,डॉ.आनंद कुमार,डॉ.राकेश नेगी डाॅ.प्रकाश सिंह एवं डॉ.आशीष बहुगुणा सम्मिलित थे।कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर आशीष बहुगुणा ने किया।कार्यक्रम का समापन डॉ.एम.एम.सेमवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ,जिसमें उन्होंने सभी वक्ताओं एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा यह संदेश दिया कि संविधान केवल कानून का दस्तावेज़ नहीं,बल्कि राष्ट्र का गौरव और नैतिक पथ-प्रदर्शक है।