कार्यरत अस्थायी/आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर-मुख्यसचिव
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।सरकारी विभागों में आउटसोर्स,संविदा,दैनिक वेतन,वर्कचार्ज कार्यप्रभरित,नियत वेतन,अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक से,इस तरह की सेवा शर्तों के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यसचिव आनंद वर्द्धन ने स्पष्ट किया है कि,इस रोक का आशय मात्र भविष्य में होने वाली भर्तियों से है। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा है कि सरकारी विभागों में आउटसोर्स,संविदा,दैनिक वेतन,वर्कचार्ज कार्यप्रभरित,नियत वेतन,अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक संबंधित ताजा शासनादेश का,इस तरह की व्यवस्था के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उक्त शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि,भविष्य में रिक्त पदों पर अब मात्र नियमित भर्तियां ही की जाएंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि कोई भी शासनादेश पिछली तिथि से लागू नहीं होता,इस कारण इस शासनादेश का असर भी आगामी भतिर्यों पर होगा,पहले से कार्यरत कर्मचारी इससे प्रभावित नहीं होंगे। सभी विभाग इसी क्रम में शासनादेश का पालन सुनिश्चित करेंगे।
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कार्यरत अस्थायी/आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर-मुख्यसचिव
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।सरकारी विभागों में आउटसोर्स,संविदा,दैनिक वेतन,वर्कचार्ज कार्यप्रभरित,नियत वेतन,अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक से,इस तरह की सेवा शर्तों के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यसचिव आनंद वर्द्धन ने स्पष्ट किया है कि,इस रोक का आशय मात्र भविष्य में होने वाली भर्तियों से है। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा है कि सरकारी विभागों में आउटसोर्स,संविदा,दैनिक वेतन,वर्कचार्ज कार्यप्रभरित,नियत वेतन,अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक संबंधित ताजा शासनादेश का,इस तरह की व्यवस्था के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उक्त शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि,भविष्य में रिक्त पदों पर अब मात्र नियमित भर्तियां ही की जाएंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि कोई भी शासनादेश पिछली तिथि से लागू नहीं होता,इस कारण इस शासनादेश का असर भी आगामी भतिर्यों पर होगा,पहले से कार्यरत कर्मचारी इससे प्रभावित नहीं होंगे। सभी विभाग इसी क्रम में शासनादेश का पालन सुनिश्चित करेंगे।