जिलाधिकारी डॉ.चौहान की पहल से पिरूल एकत्रीकरण बना पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का अभियान
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जब जंगल जलते हैं तो केवल पेड़ ही नहीं,जीव-जंतु,जीवन और भविष्य भी जलता है। इस दर्द को समझते हुए जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है,जो अब जनपद में एक जन सहयोग का रूप ले रही है।वनाग्नि की विभीषिका से जंगलों को बचाने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पिरूल (सूखी चीड़ की पत्तियों) एकत्रीकरण का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।कार्यालयों,बस्तियों और जंगलों में फैली इन सूखी पत्तियों को चिह्नित कर बड़े स्तर पर एकत्र किया जा रहा है। यह पहल न सिर्फ जंगलों को आग की चपेट में आने से बचाएगी,बल्कि वनों में रहने वाले असंख्य जीवों के जीवन को भी सुरक्षित रखेगी। इसके साथ ही आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी रास्ता खुला है। जिलाधिकारी ने बताया कि लोग एकत्रित पिरूल को इच्छुक फॉर्म या वन विभाग को 10 रुपए प्रति किलो की दर से बेच सकते हैं,जिससे उनकी आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।रांसी स्टेडियम पौड़ी के पास जिलाधिकारी के नेतृत्व में अधिकारियों व कर्मचारियों ने लगभग 50 किलो पिरूल एकत्र किया। इससे पूर्व पौड़ी ब्लॉक के समीपवर्ती आबादी क्षेत्रों से भी 60 किलो पिरूल संग्रहित किया गया था। जिलाधिकारी ने कहा कि जंगल हमारे अस्तित्व का आधार हैं,उन्हें बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को भी अपने स्तर पर जिन क्षेत्रों में अत्यधिक मात्रा में पिरूल फैला हुआ है उसे एकत्रित करने के निर्देश दिए थे।उन्होंने कहा कि एकत्रित पिरूल को इच्छुक फॉर्म को निर्धारित मूल्य पर बेचा जाएगा। इस दिशा में ब्लॉक स्तर पर भी पिरूल एकत्रित किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने कहा कि जंगल केवल प्रकृति की धरोहर नहीं,हमारी सांसों का आधार हैं।इनकी रक्षा करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। पिरूल एकत्रीकरण अभियान न केवल जंगलों को आग की विभीषिका से बचाएगा,बल्कि लोगों को आर्थिक रूप से भी सशक्त करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आगे बढ़कर इस अभियान में सहभागिता करें और जंगलों को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,मुख्य कृषि अधिकारी विकेश कुमार यादव,मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा,जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी,जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह,खनन अधिकारी राहुल नेगी,तहसीलदार दीवान सिंह राणा,खंड विकास अधिकारी सौरभ हांडा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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जिलाधिकारी डॉ.चौहान की पहल से पिरूल एकत्रीकरण बना पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का अभियान
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जब जंगल जलते हैं तो केवल पेड़ ही नहीं,जीव-जंतु,जीवन और भविष्य भी जलता है। इस दर्द को समझते हुए जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है,जो अब जनपद में एक जन सहयोग का रूप ले रही है।वनाग्नि की विभीषिका से जंगलों को बचाने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पिरूल (सूखी चीड़ की पत्तियों) एकत्रीकरण का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।कार्यालयों,बस्तियों और जंगलों में फैली इन सूखी पत्तियों को चिह्नित कर बड़े स्तर पर एकत्र किया जा रहा है। यह पहल न सिर्फ जंगलों को आग की चपेट में आने से बचाएगी,बल्कि वनों में रहने वाले असंख्य जीवों के जीवन को भी सुरक्षित रखेगी। इसके साथ ही आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी रास्ता खुला है। जिलाधिकारी ने बताया कि लोग एकत्रित पिरूल को इच्छुक फॉर्म या वन विभाग को 10 रुपए प्रति किलो की दर से बेच सकते हैं,जिससे उनकी आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।रांसी स्टेडियम पौड़ी के पास जिलाधिकारी के नेतृत्व में अधिकारियों व कर्मचारियों ने लगभग 50 किलो पिरूल एकत्र किया। इससे पूर्व पौड़ी ब्लॉक के समीपवर्ती आबादी क्षेत्रों से भी 60 किलो पिरूल संग्रहित किया गया था। जिलाधिकारी ने कहा कि जंगल हमारे अस्तित्व का आधार हैं,उन्हें बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को भी अपने स्तर पर जिन क्षेत्रों में अत्यधिक मात्रा में पिरूल फैला हुआ है उसे एकत्रित करने के निर्देश दिए थे।उन्होंने कहा कि एकत्रित पिरूल को इच्छुक फॉर्म को निर्धारित मूल्य पर बेचा जाएगा। इस दिशा में ब्लॉक स्तर पर भी पिरूल एकत्रित किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने कहा कि जंगल केवल प्रकृति की धरोहर नहीं,हमारी सांसों का आधार हैं।इनकी रक्षा करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। पिरूल एकत्रीकरण अभियान न केवल जंगलों को आग की विभीषिका से बचाएगा,बल्कि लोगों को आर्थिक रूप से भी सशक्त करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आगे बढ़कर इस अभियान में सहभागिता करें और जंगलों को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,मुख्य कृषि अधिकारी विकेश कुमार यादव,मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा,जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी,जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह,खनन अधिकारी राहुल नेगी,तहसीलदार दीवान सिंह राणा,खंड विकास अधिकारी सौरभ हांडा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।