हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि में परिवर्तनशील पृथ्वी और जलवायु पर कार्यशाला
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित स्वामी मनमंथन प्रेक्षागृह में भुगोल विभाग व भारतीय भारतीय भूगोलवेत्ता संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में परिवर्तनशील पृथ्वी,संवेदनशील पर्यावरण और जलवायु अनुकूल समाजों की दिशा में मार्ग विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के दूसरे दिन मुख्य रूप से आज तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया।इस तकनीकी सत्र के दौरान प्रो.आर दिक्षित यंग ज्योग्राफर अवार्ड के अंतर्गत सात प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।जिसमें मुख्य रूप से कृषि ग्रामीण विकास भूमि विकास एवं जलधारा एवं पर्यटन विषयों पर मुख्य रूप से शोध पत्र प्रस्तुत के गए। इसमें निर्णायक मंडल के सदस्यों में प्रोफेसर बी एस बुटोला,प्रोफेसर राजेश्वरी,प्रोफेसर विमल कुमार थे। इसमें अध्यक्षता प्रोफेसर डीके नायक एवं डॉ.सन रफी कर रहे थे। वहीं पांच अलग-अलग स्थानों पर समांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। जिन में कुल 20 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन तकनीकी सत्रों में मुख्य रूप से हिमालय एवं ध्रुवीय पर्यावरण,भूमि कटाव,सुखा एवं बाढ़,जलवायु परिवर्तन एवं पर्वतीय पर्यावरण,आवासों की समस्या संबंधी कार्बन साइबर सिक्योरिटी प्रबंधन एवं न्यूनीकरण से संबंधित विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किये गए।विभिन्न तकनीकी सत्रों मे अध्यक्षता क्रमशः प्रोफेसर एम् एस जागलान,प्रोफेसर सीमा जलान् प्रोफेसर पद्मिनी,प्रोफेसर सुचित्रा प्रदेश,प्रोफेसर डीके मिश्रा प्रो वीएस नेगी,डॉ.आशुतोष तथा सह दक्षता डॉ.निधि सिंह, डॉक्टर सना रफी,डाॅ.बरता री बारिक,डॉ.आर डी गायकवाड डॉ.कविता मिश्रा,डॉ.जितेंद्र नेगी,डॉ.अतुल सैनी,डॉ.महेंद्र ने की। इन तकनीकी सत्रों के सफल संचालन के लिए इस कार्यशाला के सहयोजक प्रो.एम एस पंवार एवं सह संयोजक प्रो.महावीर सिंह नेगी,प्रो.भानू प्रसाद नैथानी ने कार्यशाला की रूप रेखा तैयार की थी। शोध पत्रों को प्रस्तुत करने वालों में प्रमुख रूप से प्रोफेसर सीमा जलान्,प्रोफेसर जगलान,प्रोफेसर अमित डोडसे प्रोफेसर प्रियंका डे रुचिका सिंह डॉ.अविनाश खांडेकर डॉ.सुबरा मलिक डॉ.अतुल कुमार डॉक्टर शिल्पी यादव,तकनीकी सत्रों को आयोजित करने में मुख्य रूप से डॉ.राकेश सैनी डॉ.धीरज डॉ.रंजन डॉ.नरेंद्र डॉ.सना रफी डॉ.अतुल सैनी डॉ.अनिल दत्त डॉ.महेंद्र डॉ.आशुतोष डाॅ.रहमान डॉ.योगंबर नेगी प्रमुख थे।यह सभी कार्यक्रम इस सेमिनार की संयोजक प्रोफेसर एम् एस पवार सहसंयोजक प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी एवं प्रोफेसर बीपी नैथानी तथा आयोजक् सचिव् डॉ.राकेश सैनी के निर्देशन में संपन्न किये जा रहे हैं। भूगोल विभाग के सभी शोध छात्र विभिन्न समितियां के माध्यम से इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि में परिवर्तनशील पृथ्वी और जलवायु पर कार्यशाला
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित स्वामी मनमंथन प्रेक्षागृह में भुगोल विभाग व भारतीय भारतीय भूगोलवेत्ता संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में परिवर्तनशील पृथ्वी,संवेदनशील पर्यावरण और जलवायु अनुकूल समाजों की दिशा में मार्ग विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के दूसरे दिन मुख्य रूप से आज तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया।इस तकनीकी सत्र के दौरान प्रो.आर दिक्षित यंग ज्योग्राफर अवार्ड के अंतर्गत सात प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।जिसमें मुख्य रूप से कृषि ग्रामीण विकास भूमि विकास एवं जलधारा एवं पर्यटन विषयों पर मुख्य रूप से शोध पत्र प्रस्तुत के गए। इसमें निर्णायक मंडल के सदस्यों में प्रोफेसर बी एस बुटोला,प्रोफेसर राजेश्वरी,प्रोफेसर विमल कुमार थे। इसमें अध्यक्षता प्रोफेसर डीके नायक एवं डॉ.सन रफी कर रहे थे। वहीं पांच अलग-अलग स्थानों पर समांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। जिन में कुल 20 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन तकनीकी सत्रों में मुख्य रूप से हिमालय एवं ध्रुवीय पर्यावरण,भूमि कटाव,सुखा एवं बाढ़,जलवायु परिवर्तन एवं पर्वतीय पर्यावरण,आवासों की समस्या संबंधी कार्बन साइबर सिक्योरिटी प्रबंधन एवं न्यूनीकरण से संबंधित विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किये गए।विभिन्न तकनीकी सत्रों मे अध्यक्षता क्रमशः प्रोफेसर एम् एस जागलान,प्रोफेसर सीमा जलान् प्रोफेसर पद्मिनी,प्रोफेसर सुचित्रा प्रदेश,प्रोफेसर डीके मिश्रा प्रो वीएस नेगी,डॉ.आशुतोष तथा सह दक्षता डॉ.निधि सिंह, डॉक्टर सना रफी,डाॅ.बरता री बारिक,डॉ.आर डी गायकवाड डॉ.कविता मिश्रा,डॉ.जितेंद्र नेगी,डॉ.अतुल सैनी,डॉ.महेंद्र ने की। इन तकनीकी सत्रों के सफल संचालन के लिए इस कार्यशाला के सहयोजक प्रो.एम एस पंवार एवं सह संयोजक प्रो.महावीर सिंह नेगी,प्रो.भानू प्रसाद नैथानी ने कार्यशाला की रूप रेखा तैयार की थी। शोध पत्रों को प्रस्तुत करने वालों में प्रमुख रूप से प्रोफेसर सीमा जलान्,प्रोफेसर जगलान,प्रोफेसर अमित डोडसे प्रोफेसर प्रियंका डे रुचिका सिंह डॉ.अविनाश खांडेकर डॉ.सुबरा मलिक डॉ.अतुल कुमार डॉक्टर शिल्पी यादव,तकनीकी सत्रों को आयोजित करने में मुख्य रूप से डॉ.राकेश सैनी डॉ.धीरज डॉ.रंजन डॉ.नरेंद्र डॉ.सना रफी डॉ.अतुल सैनी डॉ.अनिल दत्त डॉ.महेंद्र डॉ.आशुतोष डाॅ.रहमान डॉ.योगंबर नेगी प्रमुख थे।यह सभी कार्यक्रम इस सेमिनार की संयोजक प्रोफेसर एम् एस पवार सहसंयोजक प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी एवं प्रोफेसर बीपी नैथानी तथा आयोजक् सचिव् डॉ.राकेश सैनी के निर्देशन में संपन्न किये जा रहे हैं। भूगोल विभाग के सभी शोध छात्र विभिन्न समितियां के माध्यम से इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।