हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का समापन समारोह आयोजित
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के समापन अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक कमांडेंट,सशस्त्र सीमा बल श्री अरुण रहे। यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.राकेश डोडी,मुख्य सतर्कता अधिकारी प्रो.एम.एम.सेमवाल,उप सतर्कता अधिकारी प्रो.महेंद्र बाबू तथा प्रो.अतुल ध्यानी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से किया गया। इसके उपरांत प्रो.एम.एम.सेमवाल ने सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए सतर्कता अभियान की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों में जागरूकता उत्पन्न करना और समाज में एक सुरक्षित,ईमानदार तथा पारदर्शी वातावरण का निर्माण करना है।उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा वातावरण बनाना केवल सरकार की नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।मुख्य अतिथि अरुण ने अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र सेवाएं सदैव अपने कर्तव्यों के प्रति सतर्क एवं सजग रहती हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन,पारदर्शिता और ईमानदारी अपनाने का संदेश दिया।कुलसचिव प्रो.राकेश डोडी ने कहा कि सतर्कता की शुरुआत व्यक्ति को स्वयं से करनी चाहिए।जब हम अपने आचरण में सुधार लाते हैं और जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करते हैं,तभी समाज में सच्चे अर्थों में सतर्कता स्थापित हो सकती है।प्रो.महेंद्र बाबू ने बताया कि अभियान के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों द्वारा सतर्कता शपथ ग्रहण की गई। साथ ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किलकिलेश्वर,रेनबो पब्लिक स्कूल और एनआईटी उत्तराखंड में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।प्रो.अतुल ध्यानी ने भ्रष्टाचार को देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रशासन पूरी तरह भ्रष्टाचार-मुक्त होगा।उन्होंने भारत सरकार की डिजिटल पहलों और सतर्कता अभियान जैसी योजनाओं को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।अभियान के अंतर्गत आयोजित फोटो स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ईमानदारी और नैतिकता पर प्रेरणादायक प्रस्तुतियाँ दीं। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कुलदीप राजपूत,द्वितीय निशांत जैन तथा तृतीय सीता रमोला और अंजन कुमार मिश्रा को प्रदान किया गया।साथ ही समाज में ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मी बृजलाल,राजनीति विज्ञान विभाग के पूरण लाल और विश्वविद्यालय की सफाई कर्मी गुड्डी देवी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रो.महेंद्र बाबू द्वारा किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय में नैतिकता,पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।कार्यक्रम में मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ.सुरेन्द्र बिष्ट,डॉ.विजय ज्योति,डॉ.पूजा सकलानी,डॉ.सुरेन्द्र मीणा,उपकुलसचिव अनीस,सहायक कुलसचिव ख्याति वर्धन जोशी,प्रो.नामदेव,डॉ.राम साहू,डॉ.आशीष बहुगुणा,विश्वविद्यालय के शोध छात्र एवं विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का समापन समारोह आयोजित
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के समापन अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक कमांडेंट,सशस्त्र सीमा बल श्री अरुण रहे। यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.राकेश डोडी,मुख्य सतर्कता अधिकारी प्रो.एम.एम.सेमवाल,उप सतर्कता अधिकारी प्रो.महेंद्र बाबू तथा प्रो.अतुल ध्यानी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से किया गया। इसके उपरांत प्रो.एम.एम.सेमवाल ने सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए सतर्कता अभियान की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों में जागरूकता उत्पन्न करना और समाज में एक सुरक्षित,ईमानदार तथा पारदर्शी वातावरण का निर्माण करना है।उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा वातावरण बनाना केवल सरकार की नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।मुख्य अतिथि अरुण ने अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र सेवाएं सदैव अपने कर्तव्यों के प्रति सतर्क एवं सजग रहती हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन,पारदर्शिता और ईमानदारी अपनाने का संदेश दिया।कुलसचिव प्रो.राकेश डोडी ने कहा कि सतर्कता की शुरुआत व्यक्ति को स्वयं से करनी चाहिए।जब हम अपने आचरण में सुधार लाते हैं और जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करते हैं,तभी समाज में सच्चे अर्थों में सतर्कता स्थापित हो सकती है।प्रो.महेंद्र बाबू ने बताया कि अभियान के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों द्वारा सतर्कता शपथ ग्रहण की गई। साथ ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किलकिलेश्वर,रेनबो पब्लिक स्कूल और एनआईटी उत्तराखंड में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।प्रो.अतुल ध्यानी ने भ्रष्टाचार को देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रशासन पूरी तरह भ्रष्टाचार-मुक्त होगा।उन्होंने भारत सरकार की डिजिटल पहलों और सतर्कता अभियान जैसी योजनाओं को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।अभियान के अंतर्गत आयोजित फोटो स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ईमानदारी और नैतिकता पर प्रेरणादायक प्रस्तुतियाँ दीं। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कुलदीप राजपूत,द्वितीय निशांत जैन तथा तृतीय सीता रमोला और अंजन कुमार मिश्रा को प्रदान किया गया।साथ ही समाज में ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मी बृजलाल,राजनीति विज्ञान विभाग के पूरण लाल और विश्वविद्यालय की सफाई कर्मी गुड्डी देवी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रो.महेंद्र बाबू द्वारा किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय में नैतिकता,पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।कार्यक्रम में मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ.सुरेन्द्र बिष्ट,डॉ.विजय ज्योति,डॉ.पूजा सकलानी,डॉ.सुरेन्द्र मीणा,उपकुलसचिव अनीस,सहायक कुलसचिव ख्याति वर्धन जोशी,प्रो.नामदेव,डॉ.राम साहू,डॉ.आशीष बहुगुणा,विश्वविद्यालय के शोध छात्र एवं विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।