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कर्णप्रयाग में मानवीय भूल से बदले बैग पुलिस ने चार दिन में सुलझाई बिना पहचान वाली बैग पहेली

प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।दिनांक 17 नवंबर को जब हरिद्वार से दो यात्री रघुबीर राणा निवासी डिडोली,नंदप्रयाग और वर्षा त्यागी निवासी पनाई,गौचर शादी समारोह से अपने घरों को लौट रहे थे। बस में सफर के दौरान एक छोटी सी गलती ने बड़ी उलझन पैदा कर दी उनके बैग आपस में बदल गए। समस्या तब और बढ़ी जब पता चला कि दोनों बैग में कोई पहचान पत्र या संपर्क सूत्र नहीं था। एक बैग में रघुबीर राणा के कीमती कपड़े और चांदी के आभूषण थे,जबकि दूसरे में वर्षा के निजी सामान। दोनों बैग स्वामी परेशान थे क्योंकि उनके ज़रूरी सामान किसी और के पास चले गए थे।मामले की सूचना मिलते ही,कर्णप्रयाग पुलिस ने इसे चुनौती के रूप में लिया। न कोई शिकायत,न कोई एफआईआर,बस एक मानवीय भूल और दो परेशान यात्री। पुलिस टीम,जिसमें अ.उ.नि.राजीव कुमार,हेड कांस्टेबल राम लाल,और पीआरडी सरिता शामिल थे,ने मिलकर इस नो-आईडी मिस्ट्री को सुलझाने का बीड़ा उठाया। यह काम सुई को घास के ढेर में खोजने जैसा था,क्योंकि दोनों यात्रियों की कोई सटीक जानकारी पुलिस के पास नहीं थी। पुलिस टीम ने बस रूट,यात्री विवरण,और स्थानीय संपर्कों का जाल बिछाया। चार दिनों की अथक और गोपनीय खोजबीन के बाद,पुलिस की मेहनत रंग लाई।आज,दिनांक 21 नवंबर 2025 को पुलिस ने न केवल दोनों यात्रियों का पता लगाया,बल्कि उनके सही बैग भी खोज निकाले। रघुबीर राणा और वर्षा को उनके बैग सुरक्षित वापस कर दिया गया।दोनों यात्रियों ने पुलिस टीम के इस असाधारण प्रयास,ईमानदारी और समर्पण के लिए तहे दिल से धन्यवाद किया।

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