संविधान दिवस पर रुद्रप्रयाग में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन विद्यार्थियों को दी गई संविधान की जानकारी
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के निर्देशन तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश,रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग,पायल सिंह के आदेशानुसार दिनांक 26 नवम्बर 2025 को केदार वैली चिल्ड्रन अकैडमी,तिलवाड़ा (रुद्रप्रयाग) में संविधान दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित विद्यार्थियों,शिक्षकों एवं अतिथियों द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन एवं शपथ ग्रहण कर किया गया,जिससे सभी में संविधान के मूलभूत मूल्यों न्याय,स्वतंत्रता,समता एवं बंधुत्व के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को प्रोत्साहित किया गया। शिविर के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान के महत्व,मूल कर्तव्यों,मौलिक अधिकारों तथा विधिक साक्षरता से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें संवैधानिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाना था। इस अवसर पर बच्चों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में जागरूक करते हुए कहा गया कि संविधान देश की सर्वोच्च विधि है,जिसके पालन से ही राष्ट्र सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ सकता है। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे,जिनका समाधान विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम द्वारा किया गया।
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संविधान दिवस पर रुद्रप्रयाग में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन विद्यार्थियों को दी गई संविधान की जानकारी
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के निर्देशन तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश,रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग,पायल सिंह के आदेशानुसार दिनांक 26 नवम्बर 2025 को केदार वैली चिल्ड्रन अकैडमी,तिलवाड़ा (रुद्रप्रयाग) में संविधान दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित विद्यार्थियों,शिक्षकों एवं अतिथियों द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन एवं शपथ ग्रहण कर किया गया,जिससे सभी में संविधान के मूलभूत मूल्यों न्याय,स्वतंत्रता,समता एवं बंधुत्व के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को प्रोत्साहित किया गया। शिविर के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान के महत्व,मूल कर्तव्यों,मौलिक अधिकारों तथा विधिक साक्षरता से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें संवैधानिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाना था। इस अवसर पर बच्चों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में जागरूक करते हुए कहा गया कि संविधान देश की सर्वोच्च विधि है,जिसके पालन से ही राष्ट्र सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ सकता है। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे,जिनका समाधान विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम द्वारा किया गया।