प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।आज हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र में समाज कल्याण विभाग,उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए एक विस्तृत अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को प्रारंभिक दिशा,अनुशासन और रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना था। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी प्रो.एम.एम.सेमवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की प्रकृति,उसकी बहु-स्तरीय संरचना तथा दीर्घकालिक तैयारी की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सिविल सेवा केवल एक परीक्षा नहीं,बल्कि एक जीवन-शैली और सेवा-भाव का मार्ग है,जिसके लिए मानसिक दृढ़ता,निरंतर अभ्यास और स्पष्ट दृष्टि अत्यंत आवश्यक है। प्रो.सेमवाल ने विद्यार्थियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए तीन मूलभूत स्तंभों पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए,अनुशासन,लक्ष्य पर एकाग्रता,समय प्रबंधन। उन्होंने समझाया कि अनुशासन के बिना नियमित अध्ययन संभव नहीं है,लक्ष्य के बिना प्रयास बिखर जाते हैं और समय प्रबंधन के अभाव में परिश्रम भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाता।उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने दैनिक अध्ययन योजना,पुनरावृत्ति और उत्तर लेखन अभ्यास के महत्व को भी रेखांकित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोचिंग कार्यक्रम की कार्यप्रणाली,कक्षा अनुशासन,अध्ययन सामग्री के समुचित उपयोग तथा आत्म-मूल्यांकन की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वे केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित न रहें,बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में जाकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और ईमानदारी के साथ उनका निर्वहन करें। इस कार्यक्रम में डॉ.प्रकाश सिंह,डॉ.अरविन्द सिंह रावत,गौरव पड़ियार और सीता रमोला ने भी छात्रों को संबोधित किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा अपने प्रश्नों के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अभिमुखीकरण सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणास्पद सिद्ध हुआ।अंत में विद्यार्थियों को निरंतरपरिश्रम,आत्मविश्वास,सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया गया।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।आज हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र में समाज कल्याण विभाग,उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए एक विस्तृत अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को प्रारंभिक दिशा,अनुशासन और रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना था। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी प्रो.एम.एम.सेमवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की प्रकृति,उसकी बहु-स्तरीय संरचना तथा दीर्घकालिक तैयारी की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सिविल सेवा केवल एक परीक्षा नहीं,बल्कि एक जीवन-शैली और सेवा-भाव का मार्ग है,जिसके लिए मानसिक दृढ़ता,निरंतर अभ्यास और स्पष्ट दृष्टि अत्यंत आवश्यक है। प्रो.सेमवाल ने विद्यार्थियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए तीन मूलभूत स्तंभों पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए,अनुशासन,लक्ष्य पर एकाग्रता,समय प्रबंधन। उन्होंने समझाया कि अनुशासन के बिना नियमित अध्ययन संभव नहीं है,लक्ष्य के बिना प्रयास बिखर जाते हैं और समय प्रबंधन के अभाव में परिश्रम भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाता।उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने दैनिक अध्ययन योजना,पुनरावृत्ति और उत्तर लेखन अभ्यास के महत्व को भी रेखांकित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोचिंग कार्यक्रम की कार्यप्रणाली,कक्षा अनुशासन,अध्ययन सामग्री के समुचित उपयोग तथा आत्म-मूल्यांकन की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वे केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित न रहें,बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में जाकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और ईमानदारी के साथ उनका निर्वहन करें। इस कार्यक्रम में डॉ.प्रकाश सिंह,डॉ.अरविन्द सिंह रावत,गौरव पड़ियार और सीता रमोला ने भी छात्रों को संबोधित किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा अपने प्रश्नों के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अभिमुखीकरण सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणास्पद सिद्ध हुआ।अंत में विद्यार्थियों को निरंतरपरिश्रम,आत्मविश्वास,सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया गया।