प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर 11 जनवरी को प्रस्तावित उत्तराखंड बंद का जनपद रुद्रप्रयाग में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की संस्तुति किए जाने के बाद व्यापारिक संगठनों ने बंद से दूरी बना ली,जिसके चलते जनपद में जनजीवन सामान्य बना रहा।व्यापारी संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा निष्पक्ष जांच के लिए ठोस कदम उठाए जाने के बाद बंद का कोई औचित्य नहीं रह जाता। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्णय से यह साफ है कि सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है,इसलिए सामान्य जनजीवन को बाधित करना उचित नहीं है। रुद्रप्रयाग के स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि जनपद में प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते बाजार सामान्य रूप से बंद रहते हैं। उन्होंने कहा कि 11 जनवरी को बाजार बंद रहना साप्ताहिक अवकाश की नियमित प्रक्रिया है,इसका उत्तराखंड बंद से कोई संबंध नहीं है। व्यापारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की संस्तुति के बाद उन्होंने स्वेच्छा से बंद का समर्थन नहीं किया। व्यापारियों का कहना है कि कुछ संगठनों द्वारा साप्ताहिक अवकाश को बंद से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है,जबकि वास्तविकता यह है कि बाजार हर रविवार को सामान्य रूप से बंद रहते हैं। इस कारण जनपद में उत्तराखंड बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। व्यापारी संगठनों और आम लोगों ने भरोसा जताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच के माध्यम से अंकिता भंडारी को न्याय मिलेगा और यदि इस मामले में कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर 11 जनवरी को प्रस्तावित उत्तराखंड बंद का जनपद रुद्रप्रयाग में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की संस्तुति किए जाने के बाद व्यापारिक संगठनों ने बंद से दूरी बना ली,जिसके चलते जनपद में जनजीवन सामान्य बना रहा।व्यापारी संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा निष्पक्ष जांच के लिए ठोस कदम उठाए जाने के बाद बंद का कोई औचित्य नहीं रह जाता। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्णय से यह साफ है कि सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है,इसलिए सामान्य जनजीवन को बाधित करना उचित नहीं है। रुद्रप्रयाग के स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि जनपद में प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते बाजार सामान्य रूप से बंद रहते हैं। उन्होंने कहा कि 11 जनवरी को बाजार बंद रहना साप्ताहिक अवकाश की नियमित प्रक्रिया है,इसका उत्तराखंड बंद से कोई संबंध नहीं है। व्यापारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की संस्तुति के बाद उन्होंने स्वेच्छा से बंद का समर्थन नहीं किया। व्यापारियों का कहना है कि कुछ संगठनों द्वारा साप्ताहिक अवकाश को बंद से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है,जबकि वास्तविकता यह है कि बाजार हर रविवार को सामान्य रूप से बंद रहते हैं। इस कारण जनपद में उत्तराखंड बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। व्यापारी संगठनों और आम लोगों ने भरोसा जताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच के माध्यम से अंकिता भंडारी को न्याय मिलेगा और यदि इस मामले में कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।